सांबा। कोराना की तीसरी लहर ओमिक्रॉन के बढ़ने पर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों व यूटी प्रशासन को कड़ी हिदायतें दी हैं। इनमें स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने को कहा गया है। कोराना की दूसरी लहर से हड़कंप मच गया था। दूसरे प्रदेश से आने वाले लोगों के लिए क्वारंटीन केंद्र बनाए गए थे। कोविड टेस्ट भी तेज कर दिए थे।
लोगों में भय बनने लगा तब ऑक्सीजन की कमी बन रही थी। लोग घरों में ऑक्सीजन के सिलिंडर जमा करने में जुटे रहे। लोगों को सरकारी अस्पतालों से विश्वास भी उठ चुका था, जिस पर महंगे दामों पर सिलिंडर खरीदे गए। जिला प्रशासन की ओर से पहले घगवाल में स्थित अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया। ऑक्सीजन की कमी के चलते जिले में मरीजों की दिन प्रतिदिन बढ़ रही संख्या पर जिला अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया। सरकार की ओर से अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। इसकी जिम्मेदारी उपायुक्त के कंधों पर थी।
काफी तेजी से ऑक्सीजन प्लांट को चालू किया गया। पहले पचास बिस्तर पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। बाद में सौ बिस्तर व इमरजेंसी वार्ड के सभी बिस्तर ऑक्सीजन युक्त किए गए।
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ऑक्सीजन प्लांट से लोगों को परेशानी
नगर परिषद के पार्षद संजीव पाधा, अजय गुप्ता के अनुसार जिला अस्पताल में जल्दबाजी से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। इससे आसपास के मोहल्ला वासियों को भी काफी परेशानी बनी हुई है कि ऑक्सीजन प्लांट से निकलने वाली आवाज से उनके घरों के बच्चे भी परेशान हो रहे हैं। इस बाबत वह उपायुक्त से भी मिले। उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया। उपायुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्लांट के इर्दगिर्द चारदीवारी कर दी जाएगी। वहीं प्लांट का दराजा भी अस्पताल की ओर कराया जाएगा। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं आने पाएगी। ऑक्सीजन प्लांट के साथ सौ बिस्तर को जोड़ा गया है। इसमें इमरजेंसी के बिस्तर भी शामिल हैं। वहीं एक अन्य बैकअप प्लांट भी लगाया गया है। ऑक्सीजन की कमी नहीं बनने दी जाएगी।
-डॉ. विनोद शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल सांबा।