सांबा। जिले की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए लगाई गई कांटेदार तार के आगे आई सीमावर्ती गांवों के किसानों की भूमि पर काश्त करने के लिए बीएसएफ की ओर से किसानों को खेती करने बारे में कहा जा रहा है। जबकि किसान सीमा पर खेती करने को कतरा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बिना निशानदेही के कैसे भूमि पर काश्त करें। उन्हें पहले भूमि की निशानदेही कराई जाए। वहीं बीएसएफ की ओर से तारबंदी के आगे जाने के लिए काफी बदिंशें हैं, जिस पर किसान भूमि पर काश्त करने को कतरा रहे हैं। राजस्व विभाग के अनुसार तारबंदी के आगे किसानों की 27 हजार 500 कनाल भूमि है, जिसे बीएसएफ की ओर से ट्रैक्टरों द्वारा समतल बनाया गया है। राजपुरा तहसील में 2489 कनाल, रामगढ़ तहसील में 19 हजार कनाल और सांबा तहसील में 3 हजार दस कनाल भूमि तारबंदी के आगे है। वहीं बीएसएफ के अधिकारी बार-बार किसानों को कह रहे हैं कि वह तारबंदी के आगे की भूमि पर काश्त करें।
सनद रहे कि गत दिनों एलजी सीमावर्ती गांव दग में आए थे। जहां उन्होंने बाबा चमलियाल की दरगाह पर माथा टेका था। सीमावर्ती किसानों ने भी उन्हें तारबंदी के आगे की भूमि की समस्या से अवगत कराया था। एलजी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि किसानों को पेश आने वाली परेशानी का प्राथमिकता पर समाधान करें। जिला प्रशासन की ओर से किसानों को कहा गया है कि वह तारबंदी के आगे की भूमि पर काश्त शुरू करें, जहां निशानदेही की बात होगी तो प्रशासन किसानों की मदद करेगा।
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जिला कठुआ के किसान तारबंदी के आगे की भूमि पर काश्त कर रहे हैं। जिला सांबा के किसानों को बीएसएफ की ओर से सुरक्षा मुहैया कराए जाने के बारे में भी कहा जा रहा है। प्रशासन भी किसानों की पूरी मदद कर रहा है। किसानों को तारबंदी के आगे की भूमि पर काश्त करनी चाहिए।
-सूरम चंद शर्मा, एडीसी, सांबा
किसानों से जबरदस्ती की तो नेकां उतरेगी सड़क पर
आरएस पुरा। घराना वेटलैंड में किसानों की कृषि योग्य जमीन सरकार द्वारा तारबंदी करने पर नेकां ग्रामीण जिला प्रधान नरेश बिट्टू ने प्रेसवार्ता कर किसानों को सरकार द्वारा खेती योग्य भूमि मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि अगर सरकार ने किसानों के साथ किसी तरह की भी जबरदस्ती की तो नेशनल कांफ्रेंस सड़कों पर उतरने से पर मजबूर हो जाएगी।
नेशनल कांफ्रेंस के जिला ग्रामीण प्रधान नरेश बिट्टू ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कहा कहा कि नेकां पूरी तरह से गांव घराना के किसानों के साथ है। उनके साथ किसी तरह की जबरदस्ती सहन नहीं की जाएगी। केंद्र की भाजपा सरकार किसानों को दबाने का प्रयास कर रही है। यह सब 370 हटने के बाद ही संभव हो पा रहा है। किसानों का जमीन का मालिकाना हक होने उसे भी सरकारी भूमि बनाने के लिए वन्यजीव संरक्षण व राजस्व विभागों द्वारा नकली दस्तावेज बनाकर प्रवासी पक्षियों के लिए इस तालाब का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन वेटलैंड के विस्तार में आ रही है। उन किसानों को सरकार की और से दूसरे स्थान पर भूमि दी जानी चाहिए तथा उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है और उनके साथ किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी । उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जल्द गांव घराना का दौरा भी करेगा और किसानों से मुलाकात कर समाधान किया जाऐगा।
प्रेसवार्ता में अमित कुमार, जितेंद्र कुमार सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।