नागपुर में स्थित मैंगनीज अयस्क इंडिया लिमिटेड के एक कार्यक्रम में रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्टील और सीमेंट उद्योगों में बिजली के लिए कोयले के स्थान पर अब ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल किए जाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने देश में बड़े स्तर पर किए जा रहे विनिवेश की भी वकालत की और इसे देश में 'वित्तीय अनुशासन' की स्थापना के लिए जरूरी बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि अब समय आ गया है कि सीमेंट और स्टील उद्योगों को उत्पादन के लिए बिजली के तौर पर कोयले के स्थान पर ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए। गडकरी ने यह बात नागपुर स्थित मैंगनीज ओर (अयस्क) इंडिया लिमिटेड (एमओआईएल) की विभिन्न सुविधाओं के उद्घाटन के मौके पर कही।
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विनिवेश पर कैबिनेट समिति के सदस्य नितिन गडकरी ने कहा कि अब समय की मांग है कि हमें उन धातु उद्योगों का संचालन करके मूल्यवर्धन (वैल्यू एडिशन) करने पर काम करना चाहिए, जहां खनन उत्पाद के लिए ऊर्जा के तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण को बचाना होगा और साथ ही साथ उत्पादन भी बढ़ाना होगा।
विनिवेश से देश में तैयार हो रहा है वित्तीय अनुशासन
गडकरी ने बड़े स्तर पर विनिवेश किए जाने का समर्थन किया और इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कारोबार चलाना सरकार का काम नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विनिवेश के जरिए बड़े स्तर पर वित्तीय अनुशासन स्थापित हो रहा है। लाभ में चल रहीं पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां) को बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।
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अयस्क का आयात घटाएं, देश को आत्मनिर्भर बनाएं
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एमओआईएल की उन घोषणाओं का भी स्वागत किया जो उसने अपने कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन और उनकी अन्य मांगों को लेकर की हैं। उन्होंने एमओआईएल से कहा कि अपने सालाना उत्पादन को बढ़ाएं, साथ ही कहा कि अयस्क का आयात जितना संभव हो सके उतना कम कर दें और भारत को एक आत्मनिर्भर देश बनाएं।