जासूसी कांड की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से पूछा, क्या केंद्र सरकार द्वारा पेगासस की खरीद में राज्य सरकारें भी शामिल हैं। इस पर सिब्बल ने कहा कि उनकी समझ में केवल केंद्र सरकार ही स्पाइवेयर खरीद सकती है। पीठ ने यह भी सवाल किया, आपने अब तक एफआईआर क्यों नहीं की?
पीठ ने कहा, आपने अब तक यह नहीं बताया कि रिपोर्ट आने के दो वर्ष बाद आप क्यों आए। सिब्बल ने कहा, हमें आज (बृहस्पतिवार) सुबह ही अदालत के कुछ अधिकारियों व न्यायपालिका के एक सदस्य के मोबाइल नंबर की जासूसी की जानकारी मिली है। हम पहले याचिका कैसे दायर कर सकते थे? इस पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने कहा, सच्चाई सामने आनी चाहिए। हम नहीं जानते वे कौन हैं।
उधर, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास की वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने पीठ को बताया कि नवंबर, 2019 में पेगासस के उपयोग पर संसद में सवाल उठाया गया था। तब तत्कालीन आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बयान दिया था कि ऐसा नहीं है। इस पर पीठ ने कहा, हमारे पास आसान सवाल है। अगर आपको मालूम था कि आपका फोन हैक हो गया है, तो आपके पास प्राथमिकी दर्ज करने का विकल्प है। आपने ऐसा क्यों नहीं किया? एक घंटे चली सुनवाई में सिब्बल और अरोड़ा के अलावा श्याम दीवान, राकेश द्विवेदी, सीयू सिंह, अरविंद दत्तार वरिष्ठ वकील भी पेश हुए।