तेंदुलकर और कोहली की आप तुलना ही नहीं कर सकते हैं। दोनो बहुमूल्य सोने हैं।
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कोहली से उम्मीदें
कोहली ने 2018 में एक इकलौती पारी में जितने रन बना डाले थे, उतने वो 2014 में पूरे दौरे पर नहीं बना पाए थे। ऐसे में इस बार कोहली से इंग्लैंड के महान बल्लेबाजों के साथ-साथ क्रिकेट जानकारों की क्या उम्मीदें हैं? 'जब आप कोहली के बारें में सवाल करते हैं तो मुझे लगता है कि वो सचिन तेंदुलकर से ज्यादा आक्रामक विकल्प हैं और ऐसा कहना एक बहुत बड़ी तारीफ है, क्योंकि तेंदुलकर और कोहली की आप तुलना ही नहीं कर सकते हैं। दोनो बहुमूल्य सोने हैं। क्या सोने की सोने से तुलना हो सकती है और किसी एक सोने को दूसरे से बेहतर बताया जा सकता है?' ऐसा मानना है इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज डेविड गावर का, जिन्होंने 117 टेस्ट मैच में 18 शतक की मदद से 8000 से ज्यादा रन बटोरे हैं।
जब कोहली अपना करियर खत्म करेंगे तभी आपको ये पता चल पाएगा कि उन्होंने अपने बल्ले से ज्यादा मैच जिताएं या फिर रिचर्ड्स ने।
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मगर कोहली के बारे में ये कहा जा रहा है कि वो इस दौरे के सबसे महान बल्लेबाज हैं और संभवत: किसी भी महानतम बल्लेबाज चाहे वो तेंदुलकर या फिर गावस्कर के ही समकालीन विवियन रिचर्ड्स से उन्नीस तो नहीं। पलटकर मैंने गावर से ये सवाल पूछा।
'देखिए- कोहली की महानता पर मैं संदेह नहीं कर रहा हूं बल्कि उल्टा ये मानता हूं कि जिस तरह से वो टेस्ट क्रिकेट, वन-डे और टी-20 के अलावा आईपीएल भी खेलते हैं और हर फॉर्मेट के मुताबिक अपने आप को ढाल लेते हैं ये एक बहुत बड़ी बात है। लेकिन, फिलहाल उनकी रिचर्ड्स से तुलना सही नहीं है क्योंकि वो एक बहुत बड़े मैच-विनर थे। जब कोहली अपना करियर खत्म करेंगे तभी आपको ये पता चल पाएगा कि उन्होंने अपने बल्ले से ज्यादा मैच जिताएं या फिर रिचर्ड्स ने, ऐसा 64 साल वाले गावर इंग्लैंड में बैठे-बैठे एक जूमलिंक के जरिए इस लेखक के साथ खास बातचीत में कहते हैं।
वैसे, जब गावर की बात सनुकर मैंने अतीत के आंकड़ों को खंगाला तो पाया कि रिचर्ड्स कभी भी इंग्लैंड में हारने वाली सीरीज का हिस्सा नहीं रहे। इतना ही नहीं पूरे, करियर में सिर्फ एक टेस्ट मैच ऐसा रहा जब किंग रिचर्ड्स को इंग्लैंड में हार देखनी पड़ी। और शायद यही वजह है कि गावर समेत तमाम इंग्लैंड के समीक्षक ये देखना चाहते हैं कि कोहली ना सिर्फ बल्लेबाज बल्कि कप्तान के तौर पर इस बार भी टीम इंडिया को सीरीज जिता पाने में कामयाब होते हैं या नहीं? कोहली के करियर को देखते हुए ये उम्मीद की जा सकती है वो महानता की इस परीक्षा में भी कामयाब होकर निकलेंगे।
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