जम्मू के पुंछ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में सेना के चार जवान और एक जेसीओ के जवान शहीद हो गए हैं। सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद के मुताबिक खुफिया सूचना के आधार पर सोमवार सुबह भारतीय सेना ने पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई।
आज सुबह से ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच यहां मुठभेड़ चल रही है। विशेषज्ञों की राय में सुरक्षाबलों के लिए अब हर दिन चुनौती वाली है क्योंकि सर्दियां बढ़ने और अफगानिस्तान पर तालिबान का राज होने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती है।
पुंछ में तीन चार साल तक काम करने वाले सुरक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल एस वी पी सिंह (सेवानिवृत्त) बताते है कि पुंछ में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। पिछले चार पांच महीने के अंदर राजौरी-पुंछ में चार-पांच घटनाएं हुई हैं। पिछले महीने ही चार सितंबर में गुलपुर में बड़ी फायरिंग हुई थी। उनका मानना है कि आज की यह मुठभेड़ लंबी हो सकती है क्योंकि आतंकियों की तादाद ज्यादा हो सकती है।
बेहतर प्रशिक्षित हैं आतंकवादी
उनका मानना है कि जिस तरह से यह मुठभेड़ चली है उससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि ये आतंकी बेहतर प्रशिक्षित हैं। सुरक्षाबलों को यहां से तलाशी में अभी बड़ी संख्या में हथियार, नकद और आतंकियों के कपड़े, राशन-पानी जैसे अहम सबूत मिल सकते है, क्योंकि आंतकी संगठन अपनी मुहिम को कामयाब बनाने के लिए कुछ स्थानीय लोगों को डरा-धमका कर उनकी मदद लेते हैं। चमरेर जंगल और सुरनकोट में डेरा की गली जहां यह ऑपरेशन शुरू हुआ है यह पुरानी मुगल सड़क का इलाका है और यहां अभी और आतंकी छिपे हो सकते हैं।