पार्टी ज्वाइन करने से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दोनों पार्टियों में अंतर वाला सवाल पूछा था। यशपाल आर्य ने कहा, दोनों पार्टियों के बीच बहुत अधिक अंतर है। कांग्रेस पार्टी, लोकतंत्र की समर्थक है। लोकतंत्र के प्रति जिस पार्टी के मन में आदर सम्मान है, वहां देश और लोगों की बात सुनी जाती है। दूसरा अंतर बताते आर्य ने कहा, कांग्रेस पार्टी दिल से दलित से, पिछड़ों से, कमजोर वर्गों से, अल्पसंख्यकों से, जरुरतमंद इंसानों से और गरीब लोगों से प्यार करती है। इन सभी वर्गों के लिए कांग्रेस पार्टी ने पहले भी बहुत काम किया है। आगे भी पार्टी इनके साथ खड़ी है।
भाजपा के बारे में आर्य ने कहा, वहां केवल दलितों को शो पीस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उनका दिल से सम्मान नहीं होता। हमारी लड़ाई, राहुल गांधी की लड़ाई, सोनिया गांधी की लडाई व कांग्रेस की लड़ाई के ये दोनों मूल तत्व हैं। हम केवल सत्ता के लिए नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे हिंदुस्तान की स्थापना के लिए लड़ रहे हैं। बता दें कि यशपाल आर्य पहले कांग्रेस में रहे हैं। किन्हीं कारणों से वे भाजपा में चले गए थे। भाजपा में जो नेता हैं, उनके साथ बेड़ियों वाली स्थिति हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड के विकास को लेकर जो सपने दिखाए गए थे, उन पर काम नहीं हुआ। इस राज्य के गरीब, दबे हुए और शोषित समाज के साथ भेदभाव हुआ है। तीन मुख्यमंत्री बदल गए, लेकिन उसके बावजूद स्थिति नहीं संभल सकी। यशपाल आर्य, संजीव आर्य व हरेन सिंह लाडी के बाद कई दूसरे नेता भी जल्द ही कांग्रेस में आ सकते हैं। ऐसे नेताओं का कांग्रेस पार्टी में स्वागत है।