प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक जीवन यात्रा पर पुस्तक लिखने वाले भाजपा नेता सुदेश वर्मा मानते हैं कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत को विश्व के राजनीतिक मंच पर मजबूत स्थान दिलाने में यदि किसी राजनेता ने सफलता हासिल की है तो वे प्रधानमंत्री मोदी ही हैं। उनके सात साल के शासनकाल में भारत ने विश्वमंच पर बेहद मजबूती के साथ अपनी जड़ें जमाई हैं। आज अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस या जापान अपनी राजनीति में भारत को साथ रखकर ही अपनी वैश्विक रणनीति बनाने की कोशिश करते हैं। वे जानते हैं कि विश्व राजनीति में आज भारत की उपेक्षा करना संभव नहीं है।
केसी त्यागी के अनुसार, तालिबान का पाकिस्तान और चीन के साथ गठजोड़ इस समस्या को भारत के लिए ज्यादा गंभीर और आक्रामक बना रहा है। मामले की भारत को इस समस्या से बेहद सावधानी से निपटना होगा। अफगानिस्तान के साथ भी इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और स्वीकार्यता की चुनौती है, जिसे वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उपेक्षा कर पूरी नहीं कर सकता। इस नजर में अमेरिका और भारतीय पक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक कौशल इस भूमिका के एक बेहतर समाधान की पृष्ठभूमि तैयार कर सकेगा। प्रधानमंत्री की आगामी अमेरिका यात्रा इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
रिकॉर्डधारी पीएम के जन्मदिन पर भी रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक उनके अनेक निर्णयों को एतिहासिक बताते हैं। यही कारण है कि आज उनके जन्मदिन को भी भाजपा ने एतिहासिक बनाने का निर्णय लिया है। एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड कायम कर और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रक्तदान कराकर भाजपा अपने तरीके से प्रधानमंत्री को शुभकामना देना चाहती है।
भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री न केवल साहसिक फैसले लेते हैं, बल्कि जनहित में कार्य करने में सबसे आगे रहते हैं। अगर साफ-सफाई में लोगों को आगे लगाना हो तो वे आदेश पारित करने की बजाय सीधे झाड़ू थामकर शुरुआत करने में विश्वास रखते हैं। उनकी इसी सोच का परिणाम है कि भाजपा कार्यकर्ता उन्हें अपने नेता के साथ-साथ अपने परिवार का अभिभावक भी मानते हैं।
एक अभिभावक का कार्य परिवार के लोगों का वर्तमान सुधारने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी मजबूती प्रदान करना है। केसी त्यागी मानते हैं कि प्रधानमंत्री ने भाजपा को आज जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, उस ऊंचाई तक अटलबिहारी वाजपेयी जैसा विशाल राजनीतिक व्यक्ति भी नहीं कर पाया। वे न केवल पार्टी का आज सुधार रहे हैं, बल्कि भविष्य के नेताओं को गढ़कर एक नई टीम भी तैयार कर रहे हैं जो भविष्य में भी भाजपा को उसके आदर्शों पर मजबूती के साथ आगे बढ़ाने में सक्षम होगी।