एनआईए ने आतंकी संगठन आईएआईएस के अल हिंद बंगलूरू मॉड्यूल के एक संदिग्ध आतंकी के खिलाफ शुक्रवार को विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें मुंबई में हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने और आपूर्ति करने में लिप्त रहने के आरोप लगाया गया है।
संदिग्ध आतंकी शिहाबुद्दीन पर भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। बेंगलुरु के गुरप्पनपाल्या निवासी महबूब पाशा और 16 अन्य के खिलाफ पिछले साल जनवरी में बेंगलूरू में मामला दर्ज किया गया था।
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि शिहाबुद्दीन ने खाजा मोइदीन के साथ मिलकर, जो तमिलनाडु में आतंकवाद और हिंदू नेताओं की हत्या से संबंधित कई मामलों में आरोपी हैं, ने दक्षिण भारत में युवा मुसलमानों की भर्ती करके एक आतंकवादी गिरोह बनाया।
एनआईए अधिकारी ने कहा कि उन्होंने 'अल-हिंद मॉड्यूल' का गठन किया और बेंगलूरू को अपना केंद्र बनाया। आतंकियों ने अप्रैल, 2019 से कर्नाटक और तमिलनाडु में कई आपराधिक साजिश रचने को लेकर बैठकें कीं। प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट या आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार किया और पुलिस अधिकारियों और हिंदू नेताओं की हत्या के लिए हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने की साजिश रची।
एनआईए के अनुसार शिहाबुद्दीन बड़ी साजिश का हिस्सा था और मोइदीन के निर्देश पर उसने मुंबई में अन्य आरोपियों के लिए हथियार और गोला-बारूद जमा किया था। इन हथियारों का इस्तेमाल तमिलनाडु पुलिस के विशेष उप निरीक्षक विल्सन की हत्या में भी किया गया था।