दिल्ली-मुंबई समेत देश के अन्य हिस्सों को दहलाने की साजिश रचने वाले जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है उसमें से एक जान मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया पिछले 20 साल से ‘डी कंपनी’ यानी अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम के लिए काम करता था।
एटीएस चीफ विनीत अग्रवाल ने कहा, जान मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया मुंबई की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में केलाबखार की खोली नंबर 185 में रहता है। कालिया ने 9 सितंबर को दिल्ली की टिकट कराने के लिए एक ट्रैवल एजेंट को पैसे दिए थे लेकिन टिकट कंफर्म नहीं हो सका।
उसके बाद 13 सितंबर को तत्काल कोटे में वेटिंग टिकट मिला था जो शाम तक कंफर्म हो गया। उसके बाद वह गोल्डेन टेंपल से हजरत निजामुद्दीन के लिए रवाना हुआ। इसी बीच कोटा में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अग्रवाल ने कहा, 20 साल पहले फायरिंग के एक मामले में उसके खिलाफ पायधुनी में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा साल 2010 में उसके खिलाफ इलेक्ट्रिक चोरी का भी मामला था।
अग्रवाल ने बताया, जान मोहम्मद टैक्सी चलाता है उस पर कर्ज था। वह टैक्सी का लोन भी नहीं भर पाया था। इसलिए संभव है कि वह पैसों के लिए अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया हो। इसको लेकर दो दिनों से दिल्ली पुलिस से बातचीत हो रही है। एटीएस चीफ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे किसी दूसरे काम से मुंबई आए थे। इस केस से कोई लेना-देना नहीं है।
नहीं हुई रेकी सुरक्षित है मुंबई
महाराष्ट्र एटीएस चीफ ने कहा, मुंबई में रेकी नहीं हुई है। मुंबई पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि वे रेकी करने वाले थे लेकिन इससे पहले संदिग्ध दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उन्होंने बताया, जान मोहम्मद कहां जाता था और क्या करता था। इस संबंध में उसके परिवार से पूछताछ की गई है। इसके अलावा उससे जुड़े कुछ लोग हमारे राडार पर हैं। हमारी टीम दिल्ली जा रही है और उससे पूछताछ करेगी।
सवालों के घेरे में महाराष्ट्र एटीएस
जान मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र एटीएस सवालों के घेरे में आ गई है। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने कहा, नॉन काग्निजेबल ऑफेंस में केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने वाली महाराष्ट्र पुलिस कहां है। क्या महाराष्ट्र एटीएस सो रही थी। इस पर एटीएस चीफ ने सफाई दी कि एक आदमी है जो आरोपी है धारावी का रहने वाला है। वह ट्रेन में सफर करता है और कोटा पहुंचने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है तो इसमें एटीएस की असफलता नहीं है। उसके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ है।