बिहार में साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव के पहले ही बिहार में सियासी हलचल देखने को मिल रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस सियासी उठापटक के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सिकंदरा सीट की बात करेंगे। इस सीट से 2020 में हम के प्रफुल्ल कुमार मांझी जीते थे। पूर्व मंत्री रामेश्वरम पासवान यहां से सात बार जीतकर विधानसभा पहुंचे।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला जमुई भी है। जमुई जिला एक अनुमंडल और 10 ब्लॉक में बंटा है। जिले में चार विधानसभा सीटें हैं। इनमें सिकंदरा (एससी), जमुई, झाझा, चकाई शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में सिकंदरा सीट की बात करेंगे। यह सीट 1962 में अस्तित्व में आई।
1962: कांग्रेस को मिली जीत
1962 के विधानसभा चुनाव में सिकंदरा सीट से कांग्रेस को जीत मिली। इस चुनाव में कांग्रेस के मुश्ताक अहमद शाह ने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के गीता नंदन सिंह को 4,695 वोट से हराया। इस चुनाव में मुश्ताक अहमद शाह को कुल 14,453 वोट मिले। वहीं, गीता नंदन शाह को कुल 9,758 वोट मिले।
1967: संसोपा को मिली जीत
1967 में सिकंदरा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हो गई। इस चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के एस. विवेकनंदन को 14,051 वोट से जीत मिली। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार जे. लाल दूसरे नंबर पर रहे। विवेकनंदन को कुल 30,941 वोट मिले। वहीं जे. लाल को 16,890 वोट से संतोष करना पड़ा।
1969: कांग्रेस की वापसी
1977: नगीना चौधरी को मिली जीत
पिछले चुनाव में हार का सामना करने वाले नगीना चौधरी को जीत मिली। इस चुनाव में जनता पार्टी के नगीना चौधरी ने कांग्रेस की सहिल रानी 18,332 वोट से हराया। नगीना चौधरी को कुल 32,255 और सहिल रानी को 13,923 वोट मिले।
1980: रामेश्वरम पासवान की वापसी
1990: प्रयाग चौधरी को मिली जीत
2005: रामेश्वरम पासवान की वापसी
2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए। पहला फरवरी और दूसरा अक्तूबर में। दोनों चुनाव में रामेश्वरम पासवान ने जीत हासिल की। इसके साथ ही 2010 में भी जीत दर्ज की। 2005 के चुनाव में लोजपा रामेश्वरम ने राजद के प्रयाग चौधरी को 31,189 वोट से हराया।
वहीं, 2005 अक्तूबर चुनाव में रामेश्वरम पासवान ने पार्टी बदल कर जदयू का दामन थामा और जीत दर्ज की। इस चुनाव में भी उन्होंने सिकंदरा सीट से हैट्रिक लगा चुके प्रयाग चौधरी को 15,365 वोट से हराया। रामेश्वरम पासवान को कुल 38,060 वोट मिले और प्रयाग चौधरी को मात्र 22,695 वोट से संतोष करना पड़ा।
2010 विधानसभा चुनाव में जदयू के रामेश्वरम पासवान ने लोजपा के सुभाष चंद्र बोस को 12,361 वोट से हराया। रामेश्वरम पासवान 2005 में नीतीश कुमार के सरकार में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण एवं समाज कल्याण मंत्री भी रहे हैं।
2015: कांग्रेस को मिली जीत
2015 के चुनाव में सिंकदरा सीट से कांग्रेस के सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी को 7,990 वोट से जीत मिली। लोजपा के सुभाष चंद्र बोस दूसरे नंबर पर रहे। सुधीर कुमार को कुल 59,092 वोट मिले। वहीं, सुभाष बोस को 51,102 वोट मिले।
2020: हम को मिली जीत
2020 में हम पार्टी के प्रफुल्ल कुमार मांझी को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के सुधीर कुमार बंटी को 5,505 वोट से हराया। प्रफुल्ल कुमार को 47,061 वोट मिले। वहीं, सुधीर को 41,556 वोट मिले।
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