हाल ही में भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि दीदी से मुलाकात बहुत अच्छी रही। हमारी बहुत अच्छी चर्चा हुई। मैंने उन्हें बंगाल के लिए काम करने और लोगों की सेवा करने का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया। मैं वास्तव में दीदी और अभिषेक बनर्जी के स्नेह और गर्मजोशी से प्रभावित हूं।
टीएमसी में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर सुप्रियो ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है। उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में कुछ नहीं कहना है। यह पार्टी और हमारी सुप्रीमो ममता बनर्जी को तय करना है। यह उनका विशेषाधिकार है। शनिवार को टीएमसी में शामिल होने के बाद बनर्जी के साथ सुप्रियो की यह पहली मुलाकात थी।
पार्थ चटर्जी ने कसा तंज
इस बीच टीएमसी सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले पर तंज कसा है। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी पर की गई अनिर्वाचित सीएम की टिप्पणी को लेकर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को डर है कि उनकी पार्टी के 10 और सदस्य चले जाएंगे। एलओपी सुवेंदु अधिकारी केवल ट्वीट क्यों कर रहे हैं? उन्हें मैदान में उतरना चाहिए।
ममता के एक और मंत्री पर सीबीआई का शिकंजा
पश्चिम बंगाल के मंत्री मानस रंजन भुनिया अपने निर्वाचन क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति की वजह से सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष पेश नहीं हो पाए। उन्हें आई-कोर पोंजी घोटाले के सिलसिले में तलब किया गया था। इसके बाद सीबीआई की टीम पश्चिम बंगाल के मंत्री मानस रंजन भुनिया के आवास पर पहुंची। मामले में ज्यादा जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।