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सुबाथू में आठ से सीधे 60 रुपये प्रति हजार लीटर तक महंगा मिलेगा पानी

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Water tarrifs raised from rupees 8 to 60 per thousand litres in Subathu cantt area residents
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सुबाथू (सोलन)। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में बढ़ती महंगाई की मार झेल रहे छावनी परिषद सुबाथू के लोगों को अब पहले से सात गुणा अधिक महंगी दरों पर पानी के बिलों का भुगतान करना होगा। हालांकि, अभी तक लोगों को पानी के नए बिल नहीं पहुंचे हैं लेकिन छावनी परिषद ने नए बिल पहले से सात गुणा बढ़ाने के फरमान जारी कर दिए हैं। सुबाथू वासियों में भारी-भरकम बिलों के आने को लेकर हड़कंप मच चुका है।
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जानकारी के अनुसार सुबाथू छावनी क्षेत्र आजादी के बाद से पेयजल सप्लाई के लिए एमईएस पर निर्भर है। ऐसे में एमईएस के सीधे सात गुणा बढ़ाए पानी के रेट को कंट्रोल करने में छावनी परिषद ने असमर्थता जताई है। पेयजल उपभोक्ताओं की मानें तो अभी तक आठ रुपये प्रति हजार लीटर के हिसाब से बिल आता रहा है। अब परिषद ने आने वाले बिलों में करीब 60 रुपये प्रति हजार लीटर बिल का फरमान भेजा है। लोगों की संपत्ति के मूल्यांकन मूल्य में मिलने वाले पानी के बिलों की छूट को भी खत्म किया जा चुका है। इस कारण लोगों की जेब पर अब सात गुणा से भी अधिक बोझ बढ़ सकता है।
सीईओ देवांशु चौधरी ने बताया कि छावनी परिषद में एमईएस पेयजल सप्लाई देता है और एमईएस ने दरों को बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि छावनी परिषद लोगों को बढ़ाई कीमतों में राहत दे रहा है। इससे पहले छावनी परिषद लोगों के पेयजल बिलों में पांच लाख रुपये सालाना नुकसान झेलता था जो बढ़ी कीमतों के हिसाब से 50 लाख तक जा सकता है। ऐसे में ऑडिट के दौरान आपत्ति आने के बाद लोगों की संपत्ति मूल्यांकन मूल्य पर दी जाने वाली पेयजल सप्लाई की छूट को खत्म करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से सार्वजनिक नल से पानी भरने वाले गरीब लोगों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
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निर्धारित समय पर चुनाव न होना भी बना कारण
छावनी उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता का कहना है कि निर्धारित समय पर चुनाव नहीं होने से लोगों पर बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड भंग होने के बाद ऐसा फैसला लिया गया जिस पर पार्षदों ने कभी सहमति नहीं देनी थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले पर लोगों की आपत्ति लेकर रक्षा मंत्रालय को ज्ञापन भेजा जाएगा।
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