रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में बीते आठ माह से एक्सरे मशीन खराब है। इस वजह से हजारों मरीजों को मजबूरी में महंगे दामों पर निजी लेबोरेटरी में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
बीते दिनों रामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री से भी इस मामले को उठाया गया था। मगर उनके आश्वासन के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इस वजह से क्षेत्र के मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों से संबंधित मरीजों को पेश आती है, जोकि निजी लैब के महंगे टेस्ट करवाने में असमर्थ हैं। हैरानी इस बात की है कि एसजेवीएन से भेंट की गई एक्सरे मशीन दो महीने में ही खराब हो गई।
रामपुर के खनेरी अस्पताल में रोजाना 1000 से अधिक ओपीडी रहती है। यहां शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर जिले के लोग उपचार के आते हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग यहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में विफल साबित हो रहा है। ऐसे में अस्पताल में जहां एक्सरे के लिए मरीजों को 100 रुपये देने पड़ रहे हैं, वहीं एक्सरे उन्हें निजी लैबों में 200 से 500 रुपये देकर करवाना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन को सतलुज जल विद्युत निगम ने एक एक्सरे प्लांट भी भेंट किया था लेकिन यह प्लांट भी दो माह में ही हांफ गया है। इस समस्या को देखते हुए बीते दिनों रामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भी एक्सरे का मामला जोरशोर से उठाया गया था। मुख्यमंत्री जयराम ने खुले मंच से जल्द मशीन को दुरुस्त करने और नई मशीन स्थापित करने की घोषणा भी की लेकिन दो माह बीतने के बाद भी खनेरी अस्पताल में एक्सरे की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
ऐसे में क्षेत्र के लोगों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। स्थानीय निवासी यशवंत शर्मा, खेमराज, राधाकृष्ण, उत्तम सिंह, संजीव कुमार, हेमराज, सुरजीत, पियुष, रामलाल, श्याम सिंह और सुरेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि अस्पताल में एक्सरे सुविधा बंद होने से हजारों मरीज परेशानियां झेल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द नई एक्सरे मशीन स्थापित कर हजारों लोगों को राहत देने की मांग की है।
खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि अस्पताल में नया एक्सरे प्लांट स्थापित करने का कार्य अंतिम चरण में है। 10 दिन के भीतर अस्पताल में नई मशीन स्थापित की जाएगी। इसके बाद अस्पताल में एक्सरे सुविधा पूर्व की भांति मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एसजेवीएन से मिला एक्सरे प्लांट दो माह में ही खराब हो गया है।