मंडी में महंगाई, सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते सीटू और किसान सभा के सदस्य।
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मंडी। महंगाई, केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी करार देते हुए सीटू के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने सेरी चानणी में प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। किसान सभा, नौजवान सभा, छात्र संघ और महिला संगठनों ने सेरी मंच से लेकर चौहटा तक विरोध स्वरूप रैली निकाली।
विरोध प्रदर्शन में सीटू के जिला प्रधान राजेश शर्मा ने सरकार से मांग उठाई कि कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम वेतन दिया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए। मजदूरों को न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन दिया जाए। किसान सभा के उपप्रधान जोगिंद्र वालिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों की जमीन, कृषि बाजार और मंडियों को बड़े पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए देश में तीन कृषि कानूनों को आनन फानन में पारित किया है।
जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष जैवंती ने कहा कि महंगाई आसमान छू रही है, पट्रोल-डीजल और रसोई गैस कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खाद्य तेल और दालों की कीमतों में भारी उछाल आ गया है। इससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।
नौजवान सभा के अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने आम जनता का आह्वान किया कि महंगाई बढ़ाने वाली नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर सभी सरकार पर दबाव बनाए ताकि महंगाई से छुटकारा मिल सके। इस अवसर पर रमेश गुलेरिया, अजय वैद्य, मीना वैद्य आदि शामिल रहे।