सुंदरनगर (मंडी)। शिक्षक महासंघ ने राज्यस्तरीय अधिवेशन के बाद सोमवार को सुंदरनगर में समीक्षा बैठक की। इसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि अधिवेशन में मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई शिक्षकों से जुड़ी सभी मांगों को सरकार से पूरा करवाकर परिणाम तक पहुंचाया जाएगा।
महासंघ की राज्य कार्यकारिणी विभाग और सरकार के साथ हर स्तर की वार्ता में शामिल रहेगी। शिक्षक महासंघ की मांगों को सरकार ने औपचारिकताएं पूरी करके क्रमबद्ध पूरा करने की बात कही है। इसमें 2010 से पहले नियुक्त टीजीटी को पदोन्नति में मुख्याध्यापक और प्रवक्ता दोनों की ऑप्शन बहाल करने, 2012 से पहले पदोन्नत हुए जेबीटी से एचटी को वेतन वृद्धि देने, एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने की बात शामिल है।
शास्त्री और भाषा अध्यापकों को टीजीटी का दर्जा देने संबंधी मामला वित्त विभाग को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक योग्यता पूरे करने वाले शिक्षकों को टीजीटी का दर्जा देने की बात कही गई है। लंबे समय से काम कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों के लिए सोसायटी बनाने, जिला स्तर पर होने वाली नियुक्तियों में जेबीटी और सीएंडवी अध्यापकों को 3 साल में दूसरे जिले में जाने की छूट देने के साथ 2017 के बाद मुख्य अध्यापक और प्रधानाचार्य के नियमितीकरण का मामला प्रमुखता से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षक महासंघ के राज्य महामंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, उपाध्यक्ष डॉ. मामराज पुंडीर, मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, कोषाध्यक्षि तीर्थ आनंद, भीष्म शर्मा, अशोक कुमार, रवि दत्त शर्मा, भगत चंदेल सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। संवाद