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दस हजार बने नव साक्षर, पढ़ना-लिखना सीखा

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कुल्लू जिला में पढ़ना-लिखना अभियान के तहत पढ़ाई करतीं महिलाएं। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। स्कूल शिक्षा और साक्षरता एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्रायोजित पढ़ना-लिखना अभियान में कुल्लू जिला को बड़ी कामयाबी मिली है। जिले में दस हजार से अधिक नव साक्षर बने हैं। यह नव साक्षर कुल्लू, नग्गर और बंजार खंड से बने हैं।
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जिले में कुल 16375 लोगों को अ-आ सिखाने का बीड़ा उठाया गया था। इस पर काम करते हुए शिक्षा विभाग ने 1637 सेंटरों में निरक्षर लोगों को पढ़ाने का काम शुरू किया। इसके लिए 1650 स्वयंसेवियों ने निशुल्क सेवाएं दी। 15 साल से अधिक के इन स्वयंसेवियों ने पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्वयंसेवियों की ओर से पढ़ाए गए 16375 लोगों का फाइनल टेस्ट लिया गया तो इसमें दस हजार लोग पास हुए। इसके बाद यह नव साक्षर की श्रेणी में आए हैं। जिले में 75 केंद्रीय प्राथमिक पाठशालाओं को शामिल किया गया था। बाकायदा पढ़ाई के लिए स्वयंसेवियों व जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षा विभाग ने पढ़ना-लिखना अभियान को सफल बनाने के लिए हर पंचायत से एक जेबीटी को कोऑर्डिनेटर बनाया था। उधर, जिला नोडल अधिकारी श्याम लाल हांडा ने कहा कि सर्वेक्षण से निरक्षर लोगों को चिह्नित कर उनकी सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चार महीनों का प्रशिक्षण दिया गया। अभियान को बहुत अधिक कामयाबी मिली है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव ने कहा कि शिक्षकों ने अभियान को सफल बनाने में काफी मेहनत की। उधर, उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि पढ़ना-लिखना अभियान के तहत जिले में दस हजार से अधिक नव साक्षर बने हैं। इन्हें अभियान के तहत अ, आ पढ़ना व लिखना सिखाया गया।
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