कुल्लू में हो रही बारिश के चलते छाता लेकर निकले लोग।
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कुल्लू। जिले में बारिश से ग्रामीण इलाकों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से हो रहे भूस्खलन से कई सड़कें बंद हैं। इसके कारण लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।
शनिवार को जिला कुल्लू के साथ जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में दिनभर रुक-रुक बारिश का दौर जारी रहा। इस कारण मुख्यमंत्री भी शिमला से कुल्लू विधानसभा केे एक दिवसीय दौर को नहीं पहुंच पाए। लाहौल में बारिश के साथ ऊंची पहाड़ियों में बर्फ के फाहे गिरने से मौसम कूल-कूल हो गया है। हालांकि बरसात की मौसम की सबसे अधिक नुकसान जिला कुल्लू के बागवानों को उठाना पड़ रहा है। पूरे यौवन पर चल रहा सेब का तुड़ान शनिवार को नहीं हो सका। बागवानों ने भी तुड़ान रोक दिया। एक तरफ स्थानीय मंडियों में सेब के रेट में गिरावट तो दूसरी तरफ मौसम ने बागवानों की चिंता को दोगुना कर दिया है। दो दिनों से ही बारिश से बंजार में एक बिजली को ट्रांसफार्मर भी जाम हो गया है। जिले में दस सड़कों पर यातायात ठप हो गया। इन मार्गों पर निगम की बसें भी नहीं जा पाई हैं। ऐसे में आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़कों के बंद होने से बागवानों को अपने सेब को मंडियों तक पहुंचाने की भी चिंता सता रही है।
कई जगह तो बागवान पीठ पर सेब की पेटियों को उठाकर ले जा रहे हैं। प्रेम सिंह, नरोतम सिंह, उगम राम, हीरा लाल, हंस राज, किशोरी लाल तथा सुंदर सिंह ने कहा कि बगीचे में सेब तैयार है, लेकिन मौसम की वजह से सेब का तुड़ान रोकना पड़ा है।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने भी कहा कि मौसम की वजह से जिला की सड़कों में भूस्खलन हो रहा है। बंद सड़क, बिजली और पानी को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम अभी खराब चल रहा है। ऐसे में पर्यटकों के साथ आमजन नदी-नालों के साथ संवेदनशील इलाकों का रुख न करें। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति पर प्रशासन नजर रखे हुए। किसी भी तरह की आपदा को लेकर 1077 नंबर पर फोन कर मदद ली जा सकती है।