कुल्लू। जिले के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक बाद फिर रौनक लौट आई है। भारी बर्फबारी और बारिश के बीच विद्यार्थियों ने स्कूल पहुंचने का हौसला दिखाया। हालांकि, मौसम के कारण उपस्थिति कुछ कम रही। पहले दिन नौवीं से जमा दो कक्षा के 2385 विद्यार्थियों ने स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करवाई। जबकि अधिकतर विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। कोरोना संक्रमण के चलते एक माह बाद ग्रीष्मकालीन पाठशालाओं के खुलने के बाद स्कूल प्रबंधन समितियां और अभिभावक भी खुश हैं। वीरवार को स्कूलों में विद्यार्थियों को उचित दूरी पर बैठाया गया। जिससे परेशानी नहीं हुई।
कोरोना से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सबसे पहले कक्षाओं में जाने से पूर्व विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज किए गए। थर्मल स्क्रीनिंग का भी प्रावधान किया गया था। उसके बाद विद्यार्थियों को कक्षाओं के भीतर बैठाया गया। विद्यार्थियों को प्रति कक्षा में 50 फीसदी क्षमता के साथ ही बिठाया गया।
माइक्रो प्लान के आधार पर पढ़ाई, खुश दिखे विद्यार्थी
स्कूलों में प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार शिक्षकों ने विद्यार्थियों को माइक्रो प्लान के आधार पर ही पढ़ाया है। जिससे विद्यार्थी भी खुश नजर आए। विद्यार्थियों ने एक माह बाद अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई की। जिसमें सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल रखा गया। हालांकि स्कूलों में प्रार्थना सभा, खेलकूद सहित एकत्र होने वाली अन्य गतिविधियों पर रोक रही। लंच ब्रेक और आने-जाने का समय भी कक्षावार अलग-अलग रखा गया।
65045 विद्यार्थियों की अभी भी लगेंगी ऑनलाइन कक्षाएं
कोरोना के चलते प्रदेश सरकार के निर्देश पर आठवीं कक्षा तक के 65045 विद्यार्थियों की अभी ऑनलाइन कक्षाएं ही चलेंगी। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग की तैयारी कर रखी है। विद्यार्थियों को अध्यापक ऑनलाइन ही पढ़ाएंगे। उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू डॉ. शांति लाल शर्मा ने बताया कि बर्फबारी और बारिश के चलते पहले दिन ग्रीष्मकालीन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही है। 2385 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। कोरोना से बचाव को लेकर बने नियमों का पालन किया गया। प्रति बेंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठाया गया।