भुंतर क्षेत्र के बगीचा में ऑटो चालकों ने स्वयं जाकर सड़क को ठीक करते हुए। फोटो--संवाद।
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कुल्लू। सरकार वाहनों पर पैसेंजर टैक्स बढ़ाने जा रही है। इसका ऑटो यूनियन के बाद अब टैक्सी यूनियन भी विरोध जता रही है। टैक्सी ऑपरेटर यूनियन कुल्लू शुक्रवार को टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ उतरी। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार पैसेंजर टैक्स में बढ़ोतरी कर ऑपरेटरों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। कोरोना काल में ऑपरेटरों को पहले ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अब सरकार ने इनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। करीब दो डेढ़ साल तक टैक्सियां खड़ी रही हैं। बावजूद इसके उन्हें सभी टैक्सों समेत बीमा, पासिंग, गाड़ियों की बैंक किस्तें जमा करवानी पड़ी हैं। सरकार से ऑपरेटरों को मदद नहीं मिली है। इसके कारण उन्हें परेशान होना पड़ा है। पैसेंजर टैक्स बढ़ोतरी के फैसले से ऑपरेटरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
टैक्सी ऑपरेटर यूनियन कुल्लू के चेयरमैन कविंद्र ठाकुर ने कहा कि पहले ही कोरोना काल में टैक्सी ऑपरेटरों की हालत खराब हो चुकी है। वाहनों की किस्तें, बीमा और अतिरिक्त खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। कोरोना काल से टैक्सियां टैक्सी स्टैंड पर ही खड़ी हैं। कारोबार ठप पड़ा है, उस पर सरकार का इस तरह के फैसले लेना गलत है। सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन ऑपरेटरों की समस्याएं और मांगें जस की तस हैं, इन पर किसी प्रकार से भी अमल नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से पैसेंजर टैक्स न बढ़ाने तथा परमिट की अवधि दस के बजाय 15 वर्ष करने की मांग की है। इस दौरान टैक्सी यूनियन के प्रधान प्रबल आदि उपस्थित रहे।
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