ज्वालामुखी मंदिर की दिव्य ज्योति।
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ज्वालामुखी(कांगड़ा)। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में इस बार शांतिपूर्ण ढंग से नवरात्रों का समापन हुआ और कई रिकॉर्ड भी कायम हुए। कोरोना का डर भूलकर इस बार ज्वालामुखी मंदिर में शारदीय नवरात्रों पर दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे। वहीं, 92 लाख से अधिक का चढ़ावा भी भक्तों ने अर्पित किया। कोरोना के बाद यह पहला मौका है, जब श्रद्धालुओं और चढ़ावे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
2019 के शारदीय नवरात्रों में भी इतना चढ़ावा दर्ज नहीं किया गया था। 2019 में 79 लाख चढ़ावा था, जबकि 2021 में 92 लाख। मंदिर प्रशासन के व्यापक प्रबंध और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था से ज्वालामुखी में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। मंदिर अधिकारी व तहसीलदार दीनानाथ यादव ने बताया कि नवरात्रों का आगाज व समापन बेहद शांतिपूर्ण रहा। नवरात्र में भक्तों ने 92,59,534 रुपये नकद और 47 ग्राम 500 मिली सोना व चार किलो 495 ग्राम चांदी भी अर्पित की गई। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा में ऑस्ट्रेलियन-अमेरिकन 617 डॉलर और 120 यूरो भी अर्पित किए गए, जो एक रिकॉर्ड है।
उन्होंने बताया कि दो साल बाद इतना चढ़ावा दर्ज किया गया। 2019 में भक्तों द्वारा 79,40,209 रुपए चढ़ावा चढ़ाया गया था, जबकि 2020 में कोरोना के कारण कुल 33,19,063 रुपए ही चढ़ावा चढ़ाया गया था। इस बार 2021 में रिकॉर्ड दो लाख से अधिक श्रद्धालु भी दर्शन करके गए हैं। 2019 के मुकाबले 2021 के शारदीय नवरात्रों में 13 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उम्मीद है कि ज्वाला माता का खजाना निरंतर इसी तरह भरता रहेगा और यहां करवाए जाने वाले विकास कार्यों में अब तेजी आएगी। देश-विदेश में विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी आने वाले श्रद्धालुओं को यहां और भी सुविधाएं मिल पाएंगी।