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बेसहारा पशु फसलों को कर रहे चट

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पशुओं से फसल को बचाने के लिए रंगस क्षेत्र में बनाया देशी जुगाड़। - फोटो : Hamirpur-HP
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रंगस (नादौन)। उपमंडल नादौन के क्षेत्र रंगस में किसानों ने फसलों को बचाने के लिए देशी जुगाड़ का सहारा लिया है। लोग पशुओं को सड़कों पर छोड़ रहे हैं। ये पशु खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
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यही नहीं क्षेत्र के आसपास जंगल होने की वजह से जंगली जानवर भी किसानों की फसल को तहस-नहस कर रहे हैं। लावारिस पशुओं समेत जंगली जानवरों का फसलों पर निरंतर आक्रमण रोकने में प्रदेश सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। इसके चलते किसान कई तरह के देशी जुगाड़ लगाकर फसलों को सुरक्षा कर रहे हैं।
किसान मोहिंद्र सिंह, मुकेश कुमार, ऋषि कुमार तथा मनोज कुमार ने बताया कि पहले ही मौसम की बेरुखी के चलते फसल पहले की अपेक्षा बहुत कम है। ऊपर से जंगली जानवरों और बेसहारा पशुओं की वजह से किसान के हाथ कुछ भी नहीं लग रहा है। फसल की सुरक्षा के लिए किसान एक बोतल के साथ एक्स-रे लटका कर उसमें रस्सी के साथ एक लोहे का बोल्ट लगाया जा रहा है।
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थोड़ी सी हवा चलने पर बोतल से टकराकर एक घंटी की तरह ध्वनि पैदा होती है। इससे खेतों में घुसे जंगली जानवर और पशु डर कर भाग जाते हैं। इससे पहले भी किसान रात को खेतों में तन डालकर रहते थे और फसल को सुरक्षा करते थे। अब हर परिवार में सदस्य कम होने से परंपरागत तरीके अपनाना संभव नहीं है।
किसानों ने सरकार से भी मांग की की फसलों को पशुओं तथा जंगली जानवरों से सुरक्षा पहुंचाने में किसान की सहायता करें। बेसहारा पशुओं को गो अभयारण्य में छोड़ा जाए।
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