बचत भवन चंबा में बैठक के दौरान धरने पर बैठे जिला परिषद सदस्य व अध्यक्ष।
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चंबा। जिला परिषद की बैठक में विभागीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी से नाराज 14 जिप सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके चलते प्रशासन को बैठक स्थगित करनी पड़ी। अधिकारियों के बैठक में न आने पर सदस्यों ने खूब हो हल्ला किया। कुछ सदस्य बैठक के दौरान फर्श पर बैठ गए। काफी देर तक यह ड्रामा चलता रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारी के समझाने पर जिप सदस्य फर्श से उठने के लिए तैयार हुए। बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू नहीं हो पाई। इसके चलते बीच में ही बैठक को स्थगित कर दिया गया।
वीरवार को बचत भवन चंबा में जिला परिषद की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिप अध्यक्ष नीलम कुमारी ने की। जबकि, एडीएम अमित मेहरा बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में अभी तक मुद्दे उठना शुरू ही हुए थे कि उसके जवाब के लिए उच्चाधिकारी की बजाय निचले स्तर के अधिकारी बोलने लगे। इसको लेकर कुछ जिप सदस्य भड़क उठे। उनके साथ अन्य सदस्य भी विरोध के लिए खड़े हो गए।
किलोड़ वार्ड से जिप सदस्य ललित ठाकुर ने बताया कि विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष जिप की बैठकों से जानबूझ कर भाग रहे हैं। कुछ माह पहले जब जिप की बैठक हुई थी तो उसमें भी यह मुद्दा उठा था। उस दौरान प्रशासन ने नदारद रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया था लेकिन, अधिकारियों को कोई नोटिस जारी नहीं हुए। इसके चलते वीरवार को बैठक में विभागाध्यक्ष बैठक में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाली बैठकों में भी अगर विभागाध्यक्ष नहीं पहुंचेंगे तो बैठक को बहिष्कार किया जाएगा क्योंकि, विभागाध्यक्ष के सम्मुख मुद्दा न उठने से समस्या का समाधान नहीं हो पाता है।
जिप अध्यक्ष नीलम कुमारी ने बताया कि जिला स्तरीय इस बैठक में कुछ विभागों के अधिकारी बिना सूचना दिए बैठक से नदारद रहे। जबकि, बैठक में उच्चाधिकारी का होना जरूरी है लेकिन कुछ अधिकारी जानबूझ कर बैठक से नदारद हो रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। सभी सदस्यों ने मिलकर निर्णय लिया है कि भविष्य में अगर उच्चाधिकारी बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे तो बैठक बहिष्कार कर दिया जाएगा।
एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि जिला परिषद की बैठक में जिन विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी नहीं आए थे, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इनमें अगर कोई अधिकारी सही जवाब नहीं देता है तो उसके खिलाफ पंचायतीराज एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।