शहर की सिकुड़ती यातायात व्यवस्था ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी जकड़ लिया। कुछ देर के लिए हालात इतने खराब हो गए कि उपायुक्त को खुद उतरकर ट्रैफिक हटाना पड़ा। इस दौरान काफी देर तक गाड़ियां जाम में फंसी रही। दरअसल, चंबा पहुंचने के बाद नितिन गडकरी व उनका परिवार लक्ष्मीनारायण मंदिर के दर्शन को जाना चाहता था।
उनके लिए प्रशासन ने मंदिर तक जाने का प्रबंध करवा दिया लेकिन दौरा पूर्व निर्धारित न होने की वजह से यातायात बंदोबस्त पुख्ता नहीं हो पाए। जिसकी वजह से केंद्रीय मंत्री की गाड़ी मंदिर के पास जाम में फंस गई। जहां से गाड़ी जानी थी वहां बेतरतीब ढंग से दोपहिया वाहन व अन्य गाड़ियां पहले से खड़ी थी। बंदोबस्त खराब होता देख उपायुक्त सुदेश मोख्टा खुद गाड़ी छोड़कर सड़क पर उतर आए और उन्होंने वाहन चालकों को गाड़ी हटाने के निर्देश दिए। कई दोपहिया वाहन चालकों को उन्होंने मंदिर की तरफ न जाने का भी इशारा किया।
माथा टेकने के बाद जब नितिन गडकरी अपनी गाड़ी में बैठकर परिधि गृह के लिए रवाना हुए। उसी दौरान प्रदेश के परिवहन मंत्री जीएस बाली व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी यातायात बंदोबस्त का शिकार हो गए। गाड़ियों के जाम के कारण उनकी गाड़ी कॉलेज गेट के पास फंसी रही। इसके बाद जीएस बाली उपायुक्त जबकि ठाकुर सिंह भरमौरी दूसरी गाड़ी की मदद से सर्किट हाउस तक पहुंचे। चंबा शहर पर बढ़ते यातायात के दबाव का यह पहला उदाहरण नहीं है बल्कि जाम की समस्या से यहां रोजाना ही लोगों को जूझना पड़ रहा है।