चंबा। ऐतिहासिक चंबा चौगान में नगर परिषद के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी रोजाना सैर करने के लिए आते हैं, लेकिन चंबा शहर की सुंदरता को दाग लगा रही कैफे के पास पड़ी गंदगी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
यह भी कह सकते है कि गंदगी को अनदेखा कर समस्या का समाधान करना उचित नहीं समझते हैं। कैफे रोड के नीचे कूड़े के ढेर लगे हैं। इस कारण वहां हरियाली तो खत्म हो ही चुकी है, साथ ही पेड़ों को भी नुकसान हुआ है। हैरत की बात तो यह है कि नगर परिषद कार्यालय और उपायुक्त कार्यालय से कुछ दूरी तक ही यह गंदगी फैली है। यहां हर दिन अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा है। कुछ लोग मौके का ज्यादा उठाकर वहां कूड़ा फेंक जाते हैं, लेकिन न तो नगर परिषद ने गंदगी को हटाना उचित नहीं समझा है और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है। इस कारण पर्यावरण तो दूषित हो ही रहा है। साथ ही सुबह-शाम सैर करने आ रहे लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस गंदगी ने नगर परिषद की ओर से चंबा शहर को सुंदर बनाने के लेकर जो अभियान शुरू किए हैं। उसकी पोल खोल दी है। कैफे रोड़ के साथ पहले हरे-भरे पेड़ थे, लेकिन जब से यहां गंदगी फैली है कि हरियाली का नामोनिशान नहीं बचा है, लेकिन,नप ने कूड़े को कूड़े संयंत्र तक पहुंचाना जरूरी नहीं समझा है।
नगर परिषद चंबा की कार्यकारी अधिकारी नीलम राणा का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। चंबा शहर को सुंदर बनाने के उचित प्रयास किए जा रहे हैं। इस समस्या का भी जल्द समाधान किया जाएगा।