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नगर परिषद बिलासपुर का किराया नहीं चुका रहे दुकानदार

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बिलासपुर। नगर परिषद की दुकानों में कारोबार कर रहे लोग किराया नहीं चुका रहे हैं। नगर परिषद की इन दुकानदारों पर पिछले 31 मार्च तक एक करोड़ 36 लाख 9 हजार 578 रुपये की देनदारी है। इनमें सबसे ज्यादा 67 लाख की देनदारी शहर के एकमात्र मॉल पार्किंग की है। पार्किंग के 65 लाख रुपये का भुगतान बाकी है।
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मार्च के बाद अक्तूबर तक इस राशि में लाखों की बढ़ोत्तरी हुई है। घाटे में चल रही नगर परिषद को डुबोने का कार्य इसके अधिकारी कर रहे हैं। नगर परिषद में कार्रवाई नोटिस बांटने से आगे नहीं बढ़ पाई है। बिलासपुर शहर में नप के अंतर्गत करीब डेढ़ सौ दुकानें हैं। इनमें दर्जनों दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने दुकानें लेने के बाद एमसी का किराया ही नहीं दिया। इससे किराये की राशि से ज्यादा इनका ब्याज जुड़ गया है।
वहीं, इसके लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की लापरवाही और अनदेखी भी खुलकर सामने आ रही है। नगर परिषद नियमों के तहत नोटिस जारी करने के बाद भी अगर कोई किरायेदार किराया न भरे तो उस पर सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) एक्ट 1958 के तहत केस दर्ज किया जाता है। लेकिन बिलासपुर में नगर परिषद पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करने से बच रही है।
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कुछ दुकानदारों पर केस चले हैं। उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद ने कहा कि नप ने इन लोगों को नोटिस जारी किया है। वहीं किराया न भरने पर आगामी कार्रवाई होगी।
इनसेट
लंबे समय तक नहीं टिकते ईओ
किराया वसूलने में देरी का एक कारण लंबे समय से नगर परिषद में किसी भी कार्यकारी अधिकारी का कार्यकाल लंबा न होना भी है। वर्तमान अधिकारी इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले हैं और इससे पहले के अधिकारी का मात्र 10 माह बिलासपुर में कार्यकाल रहा। इसके चलते नप अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करने से बचते दिखाई देते हैं।
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