खरखौदा। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए गांव कंवाली में जागरूकता शिविर लगाया गया। इस दौरान केंद्र के वरिेष्ठ समन्वयक डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर आधारित होती है और जहर मुक्त खेती करना वर्तमान समय की मांग है। सभी किसान प्राकृतिक खेती करके अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने से किसानों के साथ लोगों के स्वास्थ्य को भी फायदा मिलेगा। कीट विशेषज्ञ डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि आधुनिक कृषि के साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर मृदा स्वास्थ्य व पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले बीज व दवाई को किस तरह प्रयोग करना है के बारे में भी जानकारी दी। डॉ. जितेंद्र बामल ने कृषि वानिकी के प्राकृतिक खेती में योगदान के बारे में बताया। कृषि अधिकारी डॉ. रविंद्र सिंह दहिया ने किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए अनेक योजनाओं से अवगत कराया। शिविर में 150 से ज्यादा किसानों ने भाग लिया। इस दौरान कृषि क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले तीन किसानों को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर कृषि विभाग से दीपक दहिया, प्रगतिशील किसान यशपाल दहिया, रवि, मनोज दहिया, जितेंद्र, बिजेंद्र दहिया, रणबीर दहिया, भूप सिंह रोहट, सितेंद्र दहिया, देवेंद्र दहिया व संदीप दहिया मौजूद रहे।