गांव सेहरी में शादी समारोह में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला कार्यकर्ताओं के साथ। स
खरखौदा । पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि प्रदेश में हालत ऐसे बने हुए है कि सरकारी स्कूलों में मास्टर और अस्पतालों में डॉक्टर तक नहीं है। अस्पताल में मरीजों को दवाई तक के लिए भटकना पड़ रहा है। समय पर दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पाती। गठबंधन सरकार ने परिवार पहचान पत्र बनाकर बुजुर्गों की पेंशन काट दी है। जिससे बुजुर्गों की परेशानी बढ़ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। वे गांव सेहरी में इनेलो कार्यकर्ता बलवान नंबरदार के घर शादी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि इनेलो सरकार ने प्रदेश के खजाने में दो हजार करोड़ रुपये छोड़े थे, जबकि मौजूदा समय में प्रदेश पर ढ़ाई लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। हालत ऐसे हैं कि कर्मचारियों को वेतन कर्ज लेकर दिया जा रहा है। इनेलो सरकार के कार्यकाल में जिन सड़कों का निर्माण किया गया था, उनकी मरम्मत तक नहीं हुई है। सरकार प्रदेश में ऐसा कौनसा विकास कार्य कर रही है जिसके कारण प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है।
हुड्डा से हाल-चाल जाना, बाकी कुछ नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि प्रदेश का ऐसा कोई वर्ग नहीं है जो प्रदेश सरकार से खुश हो। हर वर्ग सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगा प्रदर्शन कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुई मुलाकात के लगाए जा रहे सियासी मायनों को खत्म करते हुए ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि वह बुधवार को अपनी स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए मेदांता में गए थे, इत्तेफाक से वहां पर सामने जब भूपेंद्र हुड्डा दिखे तो इंसानियत के नाते उनका हाल-चाल जान लिया, बाकी कुछ नहीं। इस मुलाकात को अलग ही हवा दी जा रही है। वे बताना चाहते हैं कि वह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक भी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी किसी से कोई द्वेष नहीं है, राजनीतिक विचारधारा अलग होती है और वैचारिक अलग होती है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कृष्ण मलिक, पूर्व ब्लॉक समिति चेयरमैन अधिवक्ता बालकिशन शर्मा, जयपाल दहिया आदि मौजूद रहे।