कुंडली-सिंघु बॉर्डर से किसानों की घर वापसी के बाद नेशनल हाईवे-44 से वाहनों का आवागमन जल्द चालू कराना प्रशासन व एनएचएआई के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। एनजीटी की तरफ से निर्माण कार्यों पर लगाया गया प्रतिबंध इसमें बड़ी बाधा बन गया है।
सिंघु बॉर्डर पर कंक्रीट की दीवारों को लगभग हटाया जा चुका है, लेकिन यहां दीवारों के साथ रखे कंटेनरों को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इन कंटेनरों में मिट्टी भरी है, जिसके कारण इन्हें हटाने के लिए दिल्ली प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें बड़ी जेसीबी मशीन की मदद से हटाने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन इससे पहले इनमें से मिट्टी निकाली जाएगी।
एनसीआर में प्रदूषण के कारण एनजीटी ने फिलहाल निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके कारण सडक़ की मरम्मत का काम नहीं किया जा सकता है। ऐसे में हरियाणा की तरफ दोनों ओर के सर्विस रोड पर बने गड्ढों को पत्थरों व मिट्टी से भरा जा रहा है और दुरुस्त किए जा रहे हैं, लेकिन प्याऊ मनियारी से नरेला तक जाने वाले करीब 400 मीटर रोड व कुंडली में प्राथमिक स्कूल के पास करीब साढ़े 300 मीटर रोड बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत के लिए सुप्रीम कोर्ट से विशेष इजाजत लेने का प्रयास किया जाएगा।
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से हरियाणा की सीमा को अवरोध मुक्त कर दिया गया है। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर यातायात शुरू करवाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से सबसे पहले सफाई का कार्य करवाया गया। इस मार्ग पर यातायात को बहाल करने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। बॉर्डर पर जिला की सीमा में लगे सभी अवरोधों को हटा दिया गया है तथा दिल्ली की सीमा में भी अवरोधों व दीवारों को हटाने का काम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व सरकार की तरफ से शुरू कर दिया गया है। इस मार्ग पर बने गड्ढे 24 घंटे में भरवा दिए जाएंगे।