हरियाणा के सोनीपत में गैंगस्टर को एकजुट करके संयुक्त गैंग तैयार करने और उनका संपर्क पाकिस्तानी आतंकियों से कराने वाले देशद्रोही गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम फिर से सुर्खियों में है। अब उसके गुर्गे ने जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार से एक करोड़ की रंगदारी मांगी है।
गोल्डी बराड़ का नाम सोनीपत समेत प्रदेश के अन्य विधायकों से रंगदारी मांगने के मामले में भी आया था। हालांकि एसआईटी के खुलासे में मामला दूसरा निकला था। सोनीपत में पहले भी रंगदारी मांगने के कई मामले आ चुके हैं।
इतना ही नहीं आरोप है कि गोल्डी बराड़ युवाओं को अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराता है। सोनीपत के जुआं गांव के रहने वाले युवक को भी उसके गैंग ने अत्याधुनिक हथियार दिए थे। इतना ही नहीं गोल्डी बराड़ के नाम पर सोनीपत के विधायक से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
उनके साथ ही कई अन्य विधायकों से भी रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में प्रदेश में जमकर हंगामा हुआ था। हालांकि एसटीएफ ने लोगों के कार्ड से रुपये निकालने वाले गैंग को पकड़ कर इस मामले का खुलासा कर दिया था। गोल्डी बराड़ से कई गैंगस्टर और गैंग को एक साथ जोड़कर गठजोड़ तैयार करने का आरोप है।
उसने सोनीपत सहित हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में सक्रिय गैंग को जोड़ लिया। इसके साथ ही गैंगस्टर को देशद्रोहियों से मिलवाया। गोल्डी बराड़ के सहयोग से लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी व राजू बसौदी गैंग को विदेशी हथियार उपलब्ध कराए थे। गैंगस्टर का आतंकी गठजोड़ सामने आने पर देशभर में एनआईए ने छापामारी कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया था।
एसटीएफ के हवलदार को मिली थी धमकी
एसटीएफ के हवलदार अमित कुमार को भी पाकिस्तान व दुबई से रंगदारी मांगने के साथ ही धमकी दी गई थीं। उन्होंने गोल्डी बराड़ गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनसे पांच लाख की रंगदारी मांगी थी। एसटीएफ ने शुरुआत में छह आरोपियों को हेड कांस्टेबल को धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया था। उन्होंने पूछताछ में विधायकों से रंगदारी मांगना और धमकी देना भी स्वीकार किया था।
पहले कब-कब मांगी रंगदारी