पुलिस गिरफ्त में बदमाश और प्रेसवार्ता में जानकारी देते डीएसपी विरेंद्र सिंह व साथ में सीआईए टीम
चरखी दादरी में राहगीर समझकर पांच हजार रुपये का इनामी बदमाश मंगलवार रात तीन साथियों के साथ लूट के मंसूबे से सीआईए की गाड़ी रुकवा बैठा। चारों बदमाशों को एके-47 से लैस सीआईए टीम ने काबू कर लिया। आरोपियों से एक एक्सूयवी, एक देसी पिस्तौल, छह कारतूस, दो डंडे और एक टॉर्च बरामद हुई है। आरोपियों के खिलाफ दादरी सिटी थाने में सशस्त्र अधिनियम समेत धारा 398 व 401 के तहत केस दर्ज किया गया है।
बुधवार को दादरी डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि सीआईए टीम को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि रावलधी-भिवानी लिंक रोड पर बंद ढाबे के पीछे लूट के इरादे से हथियारों से लैस कुछ बदमाश छिपे हुए हैं। वो राहगीरों को लूटने की फिराक में है। इस आधार पर एसआई अनिल कुमार की अगुवाई में सीआईए टीम एसयूवी में सवार होकर वहां पहुंची। बदमाशों ने सीआईए टीम को राहगीर समझकर अपनी गाड़ी उनके आगे रुकवा दी और सीआईए टीम पर पिस्तौल तान दी।
एके-47 से लैस पुलिस जवानों के गाड़ी से उतरते ही बदमाशों को होश उड़ गए। इस पर छह सदस्यीय सीआईए टीम ने चारों बदमाशों को धर दबोचा। आरोपियों की पहचान साहुवास निवासी अमरजीत उर्फ पंकज, मकड़ाना निवासी रविंद्र उर्फ ठाकुर व नितिन और दूधवा निवासी अरुण के रूप में हुई। अमरजीत उर्फ पंकज पर झज्जर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
अक्तूबर में झज्जर पुलिस ने पकड़े गए थे पंकज के साथी
दादरी पुलिस के हत्थे चढ़ा पांच हजार का इनामी बदमाश गत अक्तूबर माह में झज्जर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस दौरान उसके तीन साथी झज्जर पुलिस की गिरफ्त में आए थे। उनसे 12 पिस्तौल और 32 कारतूस बरामद हुए थे। उस मामले में ही झज्जर पुलिस ने अमरजीत उर्फ पंकज पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उस दौरान योजना थी कि पेशी पर लाते समय कासनी गैंग सरगना प्रदीप कासनी की हत्या की जाए।