हरियाणा के सोनीपत नगर निगम में एजेंसी के साथ मिलीभगत कर सर्विस चार्ज वसूलने का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। जांच के बाद नगर निगम के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी, सफाई शाखा के अधिकारियों और पूजा कंसलटेंसी एजेंसी के संचालक पर धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने और सरकारी दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत मुख्यमंत्री को किए जाने के बाद मामले की जांच कराई गई थी। मामला संदिग्ध मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
मुकदमा दर्ज किए जाने का पता लगने के बाद नगर निगम कार्यालय में दिनभर इसकी चर्चा चलती रही। गुरुवार को सफाई शाखा के अधिकारी नगर निगम में दिखाई नहीं दिए। नगर निगम में पुलिस भी पहुंची। इस मामले में पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है।
भ्रष्टाचार को लेकर निगम लगातार बदनाम रहा है। यहां पर अधिकारियों की कार्यशैली पर कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। सर्विस चार्ज घोटाला सामने आया तो मामले को दबाने के लिए गुपचुप तरीके से ब्याज सहित 22 लाख 44 हजार की राशि निगम के खाते में जमा करवा दी। हालांकि मामले में जांच शुरू हुई, लेकिन निगम की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घोटाले के बावजूद एजेंसी के ठेके की अवधि बढ़ाकर फायदा पहुंचाया जाता रहा। कहा जा रहा है कि अब सफाई शाखा के कई अधिकारी व कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
सफाई एजेंसी और कुछ अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल यह सामने आया है कि सर्विस चार्ज दो फीसदी से गड़बड़ी कर 15 फीसदी लिख दिया गया था। इस मामले में पूरी गहराई से मामले का पता लगाया जाएगा। - धर्मेंद्र, कमिश्नर, नगर निगम सोनीपत
सोनीपत नगर निगम द्वारा पूजा कंसलटेंसी कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया था। आरोप है कि कंपनी ने जहां कम कर्मचारी लगाए, वहां अधिक की हाजिरी दिखाई है। साथ ही सर्विस चार्ज में गड़बड़ी कर दो फीसदी के बजाय 15 फीसदी दर्ज किया गया। 22 लाख से अधिक का घोटाला सामने आया है। मामले की जांच सोनीपत एडीसी और ज्वाइंट कमिश्नर ने की थी, लेकिन जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। यहां से एडीजीपी क्राइम व एसपी कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - हंसराज, डीएसपी, सिविल लाइन थाना
पूजा कंसलटेंसी कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया था, जिसके खिलाफ पहले भी कई बार शिकायत मिली है। वहीं, इसके अलावा जेबीएम कंपनी के साथ भी कई बार बैठक हुई है, लेकिन सिर्फ दिखावे की सफाई की जा रही है। अधिकारी गुमराह करते हैं। कंपनी पर जो कार्रवाई बनती है, वह की जानी चाहिए। कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही उसका मैनपावर का टेंडर भी रद्द करना चाहिए। - निखिल मदान, मेयर, नगर निगम सोनीपत