हरियाणा में सोनीपत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने 12 साल की बच्ची को बहकाकर ले जाने व उसके साथ अभद्रता करने के मामले में आरोपी बाबा को दोषी करार दिया है। दोषी बच्ची के गांव के मंदिर में रहता था। उसे पलवल से गिरफ्तार किया गया था। दोषी को अदालत ने सात साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मुरथल थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने 29 जनवरी, 2020 को मुरथल थाना पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उनके गांव के मंदिर में रहने वाला बाबा मूलरूप से हिसार निवासी रवि उर्फ सीताराम उर्फ रामकिशोर उसकी 12 साल की बच्ची को बहकाकर ले गया है। आरोपी के खिलाफ मुरथल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। मुरथल थाना प्रभारी सुमित कुमार की टीम ने पलवल पुलिस की मदद से आरोपी को पलवल से गिरफ्तार किया था। आरोपी अपनी कार में बच्ची को लेकर जा रहा था। उसने कार में बच्ची से अभद्रता की थी। पुलिस ने मामले में बहकाकर ले जाने के साथ ही 10 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वह बच्ची को अपने साथ वृंदावन ले जा रहा था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने बाबा रवि उर्फ सीताराम को दोषी करार दिया है। उसे भादंसं की धारा 363 में सात साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना और 10 पॉक्सो एक्ट में भी सात साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 40 हजार पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। वहीं जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।