कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ने लगा है। बुधवार को कोरोना ने तीन लोगों की जान लील ली। कोरोना से गांव अगवानपुर निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग, भोगीपुर निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग व जवाहरा निवासी 28 वर्षीय युवक की मौत की पुष्टि हुई है। पांच दिन से रोजाना कोरोना से हो रही मौत डराने लगी है। तीसरी लहर में जिले में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि थोड़ी राहत की बात यह है कि अब संक्रमित मरीज 100 से कम मिल रहे हैं और ठीक होने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को 96 संक्रमित मिलने के साथ 215 मरीज ठीक हुए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 400 से कम रह गई है।
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने बताया कि अगवानपुर में 32 व 28 साल की दो महिलाएं, गांव रोहट में 64 वर्षीय बुजुर्ग व 38 वर्षीय व्यक्ति, मंडोरा में 10, 11 व 13 साल की तीन बच्ची व 17-17 साल के दो किशोर, गोहाना शहर में 72 साल के बुजुर्ग समेत सात कोरोना संक्रमित मिले हैं। गांव सरगथल में 70 साल की बुजुर्ग महिला व 35 साल का युवक, राई खेलकूद विद्यालय में 53 साल की महिला, शुगर मिल कॉलोनी में 53 साल के व्यक्ति, जिला कारागार में 29 वर्षीय युवक, सेक्टर-7 में दंपती, कुंडली स्थित कपूर एंटरप्राइजिज कंपनी में चार कर्मचारी संक्रमित मिले हैं।
1270 लोगों के सैंपल लिए
जिलेभर में मंगलवार को 1270 लोगों के सैंपल लिए गए। इसमें 1029 के आरटीपीसीआर और 241 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल रहे। रैपिड एंटीजन टेस्ट की सभी रिपोर्ट मंगलवार को ही प्राप्त हो गई थी। इसमें से 4 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इन चारों मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा गया है। इस टेस्ट की संक्रमण दर 1.66 फीसदी रही। वहीं आरटीपीसीआर की पुरानी 1190 रिपोर्ट भी मंगलवार को प्राप्त की गई। इसमें से 92 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इन सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा गया है। इस टेस्ट का संक्रमण दर 7.73 फीसदी रही।
कोरोना से मरने वालों में एक युवक व दो बुजुर्ग शामिल
गांव जवाहरा के रहने वाले 28 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। परिजनों ने उसे खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। 2 फरवरी को रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। 7 फरवरी को शाम के समय उसकी मौत हो गई थी।
सांस लेने में हुई थी तकलीफ
वहीं गांव भोगीपुर के रहने वाले 82 वर्षीय बुजुर्ग किसान का 9 माह से नागरिक अस्पताल से इलाज चल रहा था। 22 जनवरी को तबीयत खराब होने पर एक निजी चिकित्सक को दिखाया था। 27 जनवरी को सांस लेने में तकलीफ हुई तो अस्पताल ले जाया गया। 29 जनवरी को कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई। इसके बाद 2 फरवरी को भगवान सिंह की मौत हो गई थी। अब उनकी मौत कोरोना से होने की पुष्टि हुई है।
चिकित्सक की सलाह के बावजूद नहीं कराया था कोरोना टेस्ट
गांव अगवानपुर के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान को तीन फरवरी को खांसी व बुखार हुआ था। इसके बाद परिजन उसे गन्नौर के एक अस्पताल में ले गए थे। चिकित्सक की सलाह के बावजूद उन्होंने टेस्ट नहीं करवाया। 5 फरवरी को बुखार व खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजनों ने उसे खानपुर कलां स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यहां पर कोरोना की जांच कराई गई और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। मंगलवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सभी शवों को कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया।
तीसरी लहर में जा चुकी 18 की जान
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर भी जानलेवा बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीसरी लहर में एक दिन में तीन लोगों की मौत की पुष्टि होने के साथ 18 लोगों की जान जा चुकी है। तीसरी लहर में 5 जनवरी के बाद से अब तक 18 लोग दम तोड़ चुके हैं। जिले में तीनों लहर में अब तक 272 लोग जान गंवा चुके हैं। मंगलवार को 215 मरीजों के ठीक होने के बाद सक्रिय मरीज 369 रह गए हैं। जिले में मंगलवार तक 21 लाख 36 हजार 14 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसमें 12 लाख 51 हजार 291 लोगों को पहली व 8 लाख 78 हजार 154 लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा 6569 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है।