हत्यारोपी निहंग सर्बजीत को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ले गई है। उसे सात दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी शुक्रवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। आत्मसमर्पण से पहले उसने श्री गुरुग्रंथ साहिब के दर्शन किए और इसके बाद अपनी गिरफ्तारी दी। इस दौरान धार्मिक नारे भी लगे। पुलिस नहीं चाहती थी कि किसी भी हाल में माहौल बिगड़े।
कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के आरोप में लखबीर सिंह की हत्या के आरोपी निहंग सर्बजीत सिंह को शनिवार को पुलिस ने सिविल जज जूनियर डिवीजन किम्मी सिंगला की कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने हथियार आदि की बरामदगी के लिए उसके 14 दिन के रिमांड की मांग की। पर न्यायालय ने केवल सात दिन का ही रिमांड मंजूर किया। आरोपी ने पुलिस के सामने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया था। आरोपी ने डीएसपी वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तारी दी थी। इस दौरान कुंडली पुलिस व सीआईए की टीम भी मौजूद रही। आत्मसमर्पण से पहले साथी निहंगों ने सर्बजीत को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया। कुंडली थाने में पुलिस अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। दोपहर से एडीजीपी, डीसी व एसपी थाने में बैठे हैं। कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन स्थल के पास व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी निहंगों ने ली थी।
धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के लगाए थे आरोप
व्यक्ति पर धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी करने का आरोप था। व्यक्ति की बेरहमी से हत्या करने और बैरिकेड पर शव लटकाने का वीडियो वायरल होते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए थे। दोपहर को एडीजीपी संदीप खिरवार, डीसी ललित सिवाच और एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा भारी पुलिस बल के साथ कुंडली थाने में पहुंच गए थे। वे शुक्रवार देर रात तक वहीं पर मौजूद रहे। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई थीं।
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पुलिस नहीं चाहती थी कि माहौल बिगड़े
अधिकारियों का प्रयास था कि बिना माहौल बिगाड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाए। पुलिस बल प्रयोग करने के पक्ष में नहीं थी। डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम निहंगों के बीच भेजी गई। साथ ही सीआईए की टीम भी थी। वारदात के करीब 15 घंटे बाद देर शाम को निहंग सर्बजीत सिंह ने पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले साथी निहंगों ने उसको सिरोपा पहनाया और धार्मिक नारे लगाए। सर्बजीत सिंह ने श्री गुरुगंथ साहिब के सामने माथा टेका। इस दौरान पुलिस बल वहीं खड़ा रहा। डीएसपी वीरेंद्र सिंह की अगुआई में कुछ पुलिसकर्मी निहंगों के साथ उनके पंडाल में चले गए। बाकी पुलिसकर्मी पंडाल के बाहर खड़े रहे। उसके बाद सर्बजीत सिंह को गिरफ्तार कर लाया गया।
सेवादार का काम करता था सर्बजीत
सामने आया है कि सर्बजीत सिंह पंजाब के जिला गुरदासपुर के गांव विठवा का रहने वाला है। वह निहंगों की सेवा में कार्यरत है। वह उनके घोड़ों की देखभाल में तैनात रहता था।
व्यक्ति से अलग रह रही पत्नी-बच्चे
पुलिस जांच में पता चला कि लखबीर सिंह जब 6 माह का था, उसे उसके फूफा हरनाम सिंह ने गोद ले लिया था। लखबीर सिंह की तीन बेटियां हैं, लेकिन उसकी पत्नी अपनी बेटियों सहित करीब पांच साल से अलग रह रही है। फिलहाल लखबीर सिंह अपनी दिवंगत बहन के घर रह रहा था और मजदूरी करता था। बताया गया है कि वह नशे का आदी था। सप्ताहभर से वह धरनास्थल पर आया था और निहंगों के बीच रह रहा था।