फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यटन स्थलों पर कोरोन का साया, 50 फीसदी कम हुए पर्यटक

विज्ञापन
तारा बाबा कुटिया में स्थापित भगवान शिव की मूर्ति। - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
सिरसा। कोरोना महामारी के कारण हर क्षेत्र को नुकसान उठाना पड़ा है। इसी के तहत पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सिरसा जिला में तारा बाबा की कुटिया ऐसा पर्यटन स्थल है, जिसमें हजारों की भीड़ लगती है। वहीं, गांव बेगू में बने कशिश में भी हजारों की संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं। लेकिन कोरोना माहमारी के कारण दोनों पर्यटक स्थलों पर कोरोना का साया पड़ गया है। कोरोना महामारी के कारण तारा बाबा कुटिया में 50 फीसदी पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। वैसे तो सिरसा शहर धार्मिक स्थलों के नाम से ही प्रचलित है। परंतु, एक स्थान ऐसा है जहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के मन में भी इसे देखने की जिज्ञासा पैदा होती है। शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो सिरसा शहर में आया और उसने तारा बाबा कुटिया के दर्शन न किए हों। यह धार्मिक स्थल आकर्षण का केंद्र है। इसके कुछ रोचक रहस्य भी है।
विज्ञापन

रानियां रोड स्थित रामनगरियां गांव के समीप बनी श्री तारा बाबा कुटिया, करीब 25 एकड़ में फैली हुई है। मुख्य गेट से लेकर कुटिया के अंदरूनी हिस्सों और दीवारों पर देवी देवताओं के चित्र नजर आते हैं। कुटिया में बनी भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और उसके साथ नंदी की मूर्ति मीलों दूर तक स्पष्ट दिखाई पड़ती है। डेढ़ दशक पूर्व निर्मित की गई इस तारा बाबा कुटिया का इतिहास प्राचीन तो नहीं, परंतु कम समय की अवधि में प्रचलित होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों में अपना स्थान बना चुकी है। यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों में बॉलीवुड हस्तियों की उपस्थिति भी दर्ज होती है। इनमें हेमा मालिनी, संजय दत्त, धर्मेंद्र, सुनील शेट्टी, अनुराधा पौडवाल व कविता पौड़वाल सहित अनेक कॉमेडियन व हास्य कलाकार जैसी नामचीन हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं।
दर्शन करने मीलों दूर से आते है पर्यटक -
रामनगरियां गांव के समीप लगती तारा बाबा की कुटिया में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते है। हालांकि शहर में ओर भी कई ऐसे स्थान है, जो देखने लायक है। लेकिन कुटिया में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। कुटिया में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब से हजारों की संख्या में पर्यटक आते है। वहीं, अगर किसी के घर में मेहमान आए हों और वह कुटियां न दिखाए ऐसा हो ही नहीं सकता। वहीं, किसी को पिकनिक मनानी हो या छुट्टी के दिन परिवार के साथ समय बिताना हो, तो वह कुटिया में जरूर आता है।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के कारण पर्यटकों की संख्या हुई कम -
पिछले दो साल से कोरोना महामारी के कारण सिरसा शहर में पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। कुटिया में आने वाले लोगों की संख्या में 50 फीसदी की कमी आई है। हालांकि अभी भी पर्यटक कुटिया में घूमने के लिए आ रहे है। लेकिन पहले जितनी संख्या अब नहीं है। वहीं, शहर के बेगू गांव के समीप बने कशिश पर भी कोरोना का साया पड़ा है। कशिश के पानी के अंदर घूमने वाले रेस्तरां की तारीफ हर क्षेत्र में की जाती है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण पानी को बंद कर दिया गया है। वहीं पर्यटक भी इस समय न के बराबर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें