रोहतक। महम-हांसी रेलवे लाइन निर्माण के दौरान साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए रेलवे के 35 क्वार्टर पिछले तीन साल से खाली पड़े हैं। देखरेख के अभाव में यह क्वार्टर जर्जर होने की कगार पर हैं। रेलवे कर्मचारी अभी तक मुख्यालय में दो बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन उस पर रेलवे मुख्यालय द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।एनआरएमयू शाखा के सदस्य योगेश शर्मा ने कहा कि महम-हांसी रेलवे लाइन निर्माण के दौरान कंस्ट्रक्शन शाखा द्वारा तीन साल पहले रेलवे के गोदाम की तरफ 35 कर्मचारियों के लिए आवास तैयार किए गए थे। जिन आवासों को अभी तक दो बार मरम्मत करवा चुके हैं। लेकिन अभी तक उन आवासों को रेलवे कर्मचारियों को नहीं सौंपा गया है। कर्मचारी पिछले तीन साल से ही नहीं पिछले काफी समय से नए आवासों की मांग कर रहे है। फिलहाल कर्मचारी जिन क्वार्टरों में रह रहे हैं उनकी हालत रहने लायक नहीं है। रेलवे कर्मचारी पिछले काफी समय से पुराने क्वार्टराें की मरम्मत के लिए भी मांग उठा चुके हैं।
...तो धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे
एनआरएमयू सचिव सुरेंद्र सैनी का कहना है कि रेलवे महाप्रबंधक (जीएम) पिछले दस दिन पहले रोहतक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए आए थे। उस समय भी यूनियन के सदस्यों ने आवास अलाट करने के मामले को जीएम के समक्ष रखा था। लेकिन अभी तक मुख्यालय से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। इस माह मुख्यालय से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो यूनियन के सदस्य स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
नए आवास अभी तक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा रेलवे को नहीं सौंपे गए है। न ही अभी तक इनमें फाइनल प्रारूप दिया गया है। मुख्यालय द्वारा इस पर जल्द ही फाइनल रिपोर्ट मांगी जाएगी। ताकि हालातों को देखते हुए इसे कर्मचारियों को सौंपा जा सकें।
- एचके शर्मा, उपमंडल अधिकारी, रेलवे विभाग