एक साल पहले गुरुग्राम में पुलिस इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला करने व पानीपत रिफाइनरी के मैनेजर के अपहरण के केस में वांछित रोहित उर्फ बच्ची को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार की रात को हिसार एसटीएफ ने रोहित उर्फ बच्ची को रोहतक से काबू किया, जिस पर 2 लाख का इनाम था। वीरवार को रोहतक पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी का संबंध संदीप बड़वासनी व बिट्टू बरौणा गैंग से बताया गया है।
आईएमटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि हिसार एसटीएफ की तरफ से शिकायत दी गई है कि टीम को सूचना मिली कि पानीपत के झट्टीपुरा निवासी रोहित उर्फ बच्ची रोहतक में सोनीपत रोड पर बोहर गांव से आगे पुल के पास खड़ा है। टीम ने दबिश देकर आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से मेड इन जर्मन 30 बोर की पिस्तौल व 4 जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में पता चला कि आरोपी रोहित उर्फ बच्ची ने तकरीबन एक साल पहले गुरुग्राम में अपने साथियों के साथ मिलकर इंस्पेक्टर सोनू मलिक पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गुरुग्राम के पालम विहार थाने में इस संबंध में 7 सितंबर 2020 को केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा रोहित उर्फ बच्ची का नाम पानीपत रिफाइनरी के मैनेजर के अपहरण मामले में भी सामने आया था, जिसमें अभी तक आरोपी फरार चल था। आर्म्स एक्ट के तहत रोहतक पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
बड़वासनी व बिट्टू बरौणा गैंग से जुड़े हैं रोहित उर्फ बच्ची के तार
सोनीपत रोड पर आउटर बाईपास के नजदीक गिरफ्तार 2 लाख के इनामी रोहित उर्फ बच्ची संदीप बड़वासनी व बिट्टू बरौणा गैंग का शार्प शूटर है। अब रोहतक पुलिस उससे पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका 2017 में हुई एडवोकेट सत्यवान मलिक की हत्या में हाथ था या नहीं।
पुलिस के मुताबिक करनाल कमांडो विंग के इंस्पेक्टर सोनू मलिक रोहतक के गांधरा गांव के रहने वाले हैं। सितंबर 2020 में सोनू ने गुरुग्राम के पालम विहार थाने में केस दर्ज कराया था। सोनू ने बताया था कि वह गुरुग्राम में किराये के मकान में रहता है। जबकि पोस्टिंग करनाल की कमांडो विंग में इंस्पेक्टर के तौर पर है। एक दिन की छुट्टी लेकर गुरुग्राम आया था। शाम को पिता के साथ धर्म कॉलोनी गुरुग्राम में निजी कार्य के लिए गया था। दोस्त से मिलकर वापस चलने लगा तो दाहिनी ओर से दो-तीन युवकों ने उसे निशाना बनाकर फायरिंग करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक गोली उसके कंधे में लगी। उसने भी गाड़ी में रखी पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से हवाई फायर किए। इसके बाद तीनों युवक पैदल ही फरार हो गए। वह अपने दोस्त देवेंद्र के पास गया। देवेंद्र ने पुलिस को सूचना दी और उसे मेदांता में दाखिल कराया।
2017 में सोनू के चाचा की शीला बाईपास पर हुई थी हत्या
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इंस्पेक्टर सोनू मलिक ने जानलेवा हमले के समय बताया था कि उसके चाचा एडवोकेट सत्यवान मलिक की 2017 में शीला बाईपास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज है। एडवोकेट सत्यवान मलिक की हत्या में बड़वासनी गैंग का नाम सामने आया था। सोनू ने शक जताया था कि उस पर जानलेवा हमला करने के मामले में भी बड़वासनी गैंग का हाथ हो सकता है। अब पुलिस आरोपी रोहित उर्फ बच्ची से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसका सत्यवान मलिक हत्याकांड में हाथ है या नहीं।
पूछताछ में पता चला है कि रोहित उर्फ बच्ची संदीप बड़वासनी व बिट्टू बरोणा गैंग से जुड़ा है। उसके पास विदेशी पिस्तौल मिली है। वह नेपाल तक जा चुका है। पुलिस इंस्पेक्टर सोनू मलिक पर जानलेवा हमले के अलावा रोहतक के एडवोकेट सत्यवान मलिक हत्याकांड में भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आर्म्स एक्ट के आरोप में उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
- कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी, आईएमटी