बाइक के साथ विद्यार्थी व एचओडी । संवाद
बाइक की चेन में महिलाओं के दुपट्टों के फंसने की वजह से होने वाले हादसों पर अब अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही चेन को पानी व कीचड़ से भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। एमडीयू के यूआईईटी विभाग के इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर के छात्र रोहित ने बाइक में सुधार करते हुए विशेष बैक पैनल व मडगार्ड तैयार किया है। यह ऐरो डायनामिक्स डिजाइन ऑफ बाइक फार इंप्रूवमेंट इन द एफिशिएंसी के विषय पर काम करेंगे। अब बाइक को हाईब्रीड बनाने का भी काम शुरू कर दिया गया है। इसे पेट्रोल के साथ ही बिजली से भी चलाने की तैयारी की जा रही है। इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. युद्धवीर सिंह ने विशेष बाइक बनाने पर रोहित को बधाई दी। हर विद्यार्थी एक नई ऊर्जा और महत्वाकांक्षा से परिपूर्ण होता है, इसका प्रमाण रोहित ने संशोधित बाइक बनाकर दिया है।
ये चीजें बाइक को बनाती हैं खास
संशोधित (मॉडिफाइड) बाइक की खासियत इसके व्हील कवर और रियर व्हील पैनल हैं। बाइक के रियर व्हील पहिये को स्टील से कवर किया गया है। इससे पहिये में दुपट्टा या कपड़ा नहीं फंसेगा और हादसों पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही इसकी चेन को पानी व कीचड़ से सुरक्षित रखने के लिए स्टील कवर लगाया गया है। इसके सुधार के समय यह ध्यान रखा गया है कि हवा का दबाव विपरीत दिशा में न हो। इससे बाइक की रफ्तार में भी सुधार होगा। बाइक के वजन में कमी के लिए पॉलिमर का उपयोग किया गया है। प्लास्टिक की तरह यह अनब्रेकेबल मैटीरियल स्टील के मुकाबले हल्का है। इससे बाइक की रफ्तार के साथ एवरेज (माइलेज) में भी सुधार होगा। रोहित ने बताया कि इस बाइक के डिजाइन में सुधार के अलावा जेट पैक के डिजाइन पर काम चल रहा है। यह जेट पैक सिद्ध करेगा कि एक इंजीनियर संसार का निर्माणकर्ता है।
‘मैंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा किया’
रोहित ने बताया कि यह उसका ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका विचार कक्षा नौवीं से ही बना लिया था। मेकैनिकल इंजीनियरिंग की प्रेरणा अपने पिता से मिली। वे एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं और वर्कशॉप चलाते हैं। उन्हीं को देखकर यंत्रों में रुचि हुई। अब मेकैनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक कर रहा हूं। वीरवार को इंजीनियर्स दिवस पर अपने प्रोजेक्ट को पूरा किया। यह अपने आपमें गौरवपूर्ण है।
एक्सपर्ट बोले : हवा के दबाव को ध्यान में रख बनाया डिजाइन
छात्र रोहित ने बाइक को हादसों से सुरक्षित बनाने के साथ चेन को भी पानी व कीचड़ से सुरक्षित किया है। इसके लिए हवा के दबाव को ध्यान में रखते हुए डिजाइन बनाया गया है। अब इस बाइक को हाईब्रीड बनाने का काम चल रहा है। यह प्रयास सफल रहा तो दुपहिया वाहन बाजार में नई क्रांति आएगी। अब तक केवल पेट्रोल या बिजली के ही दुपहिया वाहन हैं। इस सफलता के बाद पेट्रोल व बिजली दोनों से चलने वाले वाहन सड़क पर उतारे जा सकेंगे। छात्र की इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को गर्व है।
-डॉ. दीपक छाबड़ा, समन्वयक, मेकैनिकल विभाग, यूआईईटी, एमडीयू