पीजीआईएमएस रोहतक को तीसरे नियमित कुलपति के रूप में दिल्ली एम्स की पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर अनीता सक्सेना मिलने जा रही हैं। महिला अधिकारी के नाम की घोषणा शुक्रवार को राज्यपाल के कार्यालय से हो चुकी है। सीनियर पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट के आने से संस्थान का यह विभाग अपनी सेवाएं दे सकेगा। इससे दिल के बाल रोगियों को उपचार के लिए दिल्ली व अन्य चिकित्सा संस्थान में जाने की जरूरत नहीं पडे़गी। जब तक प्रोफेसर सक्सेना कुलपति का चार्ज नहीं लेती तब तक यह जिम्मेदारी आईएएस जी. अनुपमा के पास रहेगी। उन्होंने शुक्रवार को ही चार्ज लिया है।
संस्थान के पहले कुलपति डॉ. एसएस सांगवान बतौर ऑर्थो सर्जन तीन साल, दूसरे डॉ. ओपी कालरा बतौर नेफ्रोलोजिस्ट छह साल दो माह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब कोरोना संक्रमणकाल में प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान की कमान सरकार ने एम्स दिल्ली की पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट को दी है। प्रोफेसर अनीता सक्सेना के पीजीआईएमएस में आने का लाभ सबसे अधिक प्रदेश में दिल के बाल रोगियों को मिलेगा। प्रो. अनीता को यह जिम्मेदारी प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सौंपी है। इस संबंध में राज्यपाल कार्यालय से 6 अगस्त को पत्र जारी हो गया है, लेकिन प्रोफेसर अनीता के पास यह पत्र नहीं पहुंचा है। गौरतलब है कि प्रोफेसर सक्सेना चिकित्सा क्षेत्र में 33 वर्षों का अनुभव रखतीं हैं। वह बतौर प्रोफेसर वर्ष 1998 से एम्स में कार्यरत हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 310 पेपर व जर्नल्स उनके प्रकाशित हो चुके हैं। वह एशिया पैसिफिक पीडियाट्रिक कार्डिएक सोसायटी की अध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा नेशनल रह्यूमेटिक हार्ट कनसोर्टियम, अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी फैलोशिप व अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समितियों की भी वह सदस्य भी हैं। इसके साथ ही वे वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के ग्रुप ऑफ टास्क फोर्स ऑन रह्यूमेटिक हार्ट डिजिज से भी जुड़ी हैं।