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बदलते मौसम की मार, बुखार के मरीजों की संख्या 500 पार

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पीजीआई के इमरजेंसी विभाग में बुखार के लिए बनाया गया नया वार्ड एक ही बेड पर लेटे दो मरीज। अमर उजाला
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पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग और ओपीडी में सामान्य दिनों की बजाय बुखार के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा दोगुनी से अधिक पहुंच गई है। आम दिनों में बुखार के जहां 200 से 250 मरीज आते थे, वहीं अब आंकड़ा 500 पार हो गया है। डीएमएस डॉ. संदीप ने बताया कि मरीजों के उपचार के पीजीआईएमएस में पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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पीजीआईएमएस में रोगियों की बढ़ती संख्या देख शनिवार को आनन-फानन में 30 बेड के दो वार्ड बना दिए गए हैं, ताकि गंभीर रोगियों कोे इमरजेंसी चिकित्सा मिल सके। वहीं, बुखार से ग्रस्त रोगियों की खून की जांच के लिए अलग से केंद्र खोल दिया गया है। डीएमएस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में बेड बढ़ा दिए जाएंगे।
पार्षदों का आरोप - फॉगिंग कब हुई, पता नहीं
मौसम में बदलाव सितंबर में शुरू हो गया था, जिससे मच्छर पनपने लगे। जब पार्षदों ने मच्छरजनित बीमारियां फैलने से रोकने के लिए फॉगिंग की बात उठाई तो निगम प्रशासन ने प्रत्येक वार्ड में फॉगिंग का रोस्टर तैयार कर दिया। कुछ दिन बाद दावा किया कि प्रत्येक वार्ड में फॉगिंग करवा दी गई है, जबकि कई पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्ड में फॉगिंग कब हुई, पता नहीं चला। अब बुखार से ग्रस्त गंभीर रोगी पीजीआई की इमरजेंसी में पहुंचना शुरू हो गए हैं। बुखार के गंभीर रोगियों की बढ़ती संख्या को देख पीजीआईएमएस प्रशासन ने आनन-फानन में रूम नंबर छह में करीब 30 बेड डालकर दो वार्ड बना दिए हैं, ताकि मरीजों को तुरंत आपात चिकित्सा दी जा सके। इसके अलावा बुखार के रोगियों की जांच के लिए अलग से केंद्र बना दिया है, जहां खून के सैंपल लिए जा रहे हैं।
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वर्जन
इमरजेंसी में बुखार से ग्रस्त रोगियों की संख्या एकदम बढ़ गई है। गंभीर बुखार के रोगियों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए 30 बेड के दो वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अन्य बेड की भी व्यवस्था की जाएगी। बुखार के रोगियों की जांच के लिए अलग से केंद्र भी बना दिया है।
- डॉ. संदीप, डीएमएस पीजीआईएमएस
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ये हो रहीं इमरजेंसी में जांच
डेंगू के लिए एंटीजन (एनएसआई)
मलेरिया के लिए पीपीएफएमपी
किडनी फंग्सन
कंपलीट हीमोग्राम
स्वास्थ्य विभाग की सूचना पर करवा रहे फॉगिंग
नगर निगम के सीएचआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) सुंदर का कहना है कि पहले चरण में हर वार्ड में फॉगिंग करवाई जा चुकी है। अब स्वास्थ्य विभाग से जहां भी डेंगू का रोगी मिलने की सूचना मिल रही है, वहीं फॉगिंग करवा रहे हैं।
अब साइफेनोथ्रिन से करवाई जा रही फॉगिंग
नगर निगम का कहना है कि बीच में तीन-चार दिन कीटनाशक नहीं मिलने के कारण फॉगिंग रुक गई थी। कुछ दिन पहले तक स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा कीटनाशक दिया था, जो 25 लीटर डीजल में सवा लीटर मिलाकर फॉगिंग करवा रहे। अब साइफेनोथ्रिन कीटनाशक दिया है, जो 25 लीटर डीजल में .35 मिली. मिलाई जाती है। निगम ने बताया कि फिलहाल दवा सिर्फ दो लीटर ही मिली है।
आठ मशीनें लगातार कर रहीं काम : सुंदर
सीएसआई सुंदर ने बताया कि निगम के पास फॉगिंग करने की आठ मशीनें हैं, जो लगातार काम कर रही हैं। उनका दावा है कि एक भी मशीन खराब नहीं है।
डेंगू के 15 नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि शनिवार को जिले में डेंगू के 15 नए केस मिले हैं। इनमें दो चिड़ी, एक गिरावड़, एक मदीना, दो महम, तीन प्रेम नगर, ताउ नगर, मॉडल टाउन में एक-एक, सैनीपुरा में दो व समरगोपालपुर में एक मरीज मिला है।
पिछले साल 125 थी संख्या, इस वर्ष 170 तक पहुंचे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में इस साल 170 केसों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2020 में यह संख्या अब तक 125 थी। इस वर्ष मलेरिया का कोई केस सामने नहीं आया है। हालांकि विभाग एंटी लार्वा एक्टिविटी अभियान के दौरान 4887 लोगों को नोटिस थमा चुका है। शनिवार को 35 जगहों पर लार्वा पाया गया।
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