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Rohtak: बिश्नोई गैंग के बदमाश ने ट्रांसपोर्ट काम में मांगी हिस्सेदारी, मना करने पर 12 राउंड फायरिंग, दो घायल

Thu, 02 Feb 2023 01:18 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

घायल बलियाना निवासी रामनिवास व पाकस्मा निवासी सुरेश को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। एएसपी मेधा भूषण ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे सोनीपत के गांव रेवली निवासी मोनू डागर ने आईएमटी स्थित ट्रक यूनियन के प्रधान जितेंद्र को कॉल करके ट्रांसपोर्ट के कारोबार में हिस्सा मांगा। मना करने पर गुरुवार को चार बदमाशों को भेजकर यूनियन कार्यालय में अंधाधुंध फायरिंग करवा दी।

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दोपहर पौने 12 बजे हुई 12 राउंड फायरिंग में कार्यालय के मुंशी पाकस्मा गांव निवासी सुरेश राणा (25) व ट्रक ड्राइवर बलियाना निवासी रामनिवास (55) घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फायरिंग के बाद एक आरोपी खरावड़ निवासी अंकित को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए अदालत से अनुमति ली है।

पुलिस के मुताबिक भाईचारा ट्रक यूनियन के प्रधान जितेंद्र निवासी गांव बलियाणा ने शिकायत दी थी कि 31 दिसंबर 2022 को उसके पास कॉल आई कि वह बिश्नोई गैंग से मोनू डागर बोल रहा है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल रहा हूं। उसे ट्रांसपोर्ट के कारोबार में हिस्सेदारी चाहिए। जितेंद्र ने बताया कि उसने पुलिस को शिकायत देने की बजाय खुद ही पता करवाया।
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कॉल पंजाब की फरीदकोट जेल से आई थी। उसने फोन कॉल को हल्के में लिया। 17 जनवरी को दोबारा कॉल आई। उसने कहा कि उनकी तो छोटी सी यूनियन है। साथ ही ट्रांसपोर्ट के कारोबार में हिस्सेदारी करने से मना कर दिया। डागर ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। गुरुवार दोपहर में दो बाइक पर चार बदमाश आए और कहने लगे कि वे मोनू डागर के आदमी हैं।

जितेंद्र प्रधान कहां है? जब तक कुछ पता चलता तब तक बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। 12 राउंड गोलियां चलाई, जिसमें मुंशी सुरेश राणा और ड्राइवर बलियाना निवासी मुंशी घायल हो गए। गोलियां चलाने के बाद हमलावर आईएमटी चौक की तरफ फरार हो गए।

बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद, खरावड़ का युवक गिरफ्तार
वारदात के बाद एसपी ने डीएसपी यशपाल खटाना के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। सीआईए प्रथम की टीम ने कार्रवाई करते हुए खरावड़ गांव के युवक अंकित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि अन्य तीन आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
पुलिस का कहना है कि जांच में मोनू डागर का ही नाम सामने आ रहा है। वह पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अदालत से अनुमति ली है। साथ ही गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर शुक्रवार को रिमांड पर लिया जाएगा।

मोनू डागर के इशारे पर ट्रक यूनियन के कार्यालय में फायरिंग की गई है। एक आरोपी को पकड़ लिया है। अन्य तीन आरोपियों की पहचान हो गई है। जल्द ही उन्हें काबू कर लेंगे। यूनियन प्रधान व उनके परिवार को सुरक्षा दी जा रही है। -उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक

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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मोनू डागर ने शूटर का किया था इंतजाम
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जाल रोहतक में भी फैलने लगा है। गुरुवार को आईएमटी स्थित ट्रांसपोर्टर के कार्यालय में हुई फायरिंग में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद मोनू डागर का नाम सामने आया है, जो बिश्नोई गैंग का शॉर्प शूटर है।

खुलासा हुआ है कि उसके कहने पर ही चार स्थानीय युवाओं ने आईएमटी की ट्रक यूनियन के कार्यालय में अंधाधुंध फायरिंग की है। अब पुलिस मामले में गिरफ्तार अंकित खरावड़ से पूछताछ कर रही है, ताकि फरार आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

पुलिस के मुताबिक सोनीपत जिले के गांव रेवली निवासी मोनू डागर के खिलाफ पहले रोहतक में कोई केस दर्ज नहीं है। पहला केस गुरुवार को आईएमटी थाने में दर्ज किया गया है। डागर के खिलाफ पंजाब व हरियाणा में आठ से 10 केस दर्ज हैं। उस पर 1 दिसंबर, 2021 को पंजाब के मोगा के डिप्टी मेयर पर गोली चलाने का आरोप है।

बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। तब मोगा के एसपी सुरिंदरजीत मंड ने पत्रकारों को बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शॉर्प शूटर मोनू डागर कनाडा में रह रहे गोल्डी बराड़ के कहने पर डिप्टी मेयर के भाई को मारने आया था। साथ ही उन्होंने बताया था कि वह अमृतसर में राणा कंडोवालिया की हत्या में भी आरोपी है। इसके पहले डागर जुलाई, 2015 में सोनीपत जिले के गांव रूखी के मंजीत की हत्या के मामले में प्रियव्रत व मंजीत के साथ नामजद रहा है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि मोनू डागर ने जेल से गोल्डी बराड़ के कहने पर दो शूटर उपलब्ध कराए थे। उस पर शूटर की टीम बनाने में भी मदद करने का आरोप है। हालांकि रोहतक पुलिस का कहना है कि यह तो पंजाब पुलिस ही बता सकती है।

पैसे का लालच देकर जोड़ा जा रहा गैंग से
सीआईए पुलिस ने आईएमटी में हुई फायरिंग में खरावड़ निवासी अंकित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अंकित पहले सांपला तहसील में टाइपिस्ट का काम करता था। बहन की शादी हो चुकी है, जबकि घर पर मां है। सांपला तहसील में ही वह गैंग के संपर्क में आया। गैंग के सदस्यों ने उसे लालच दिया कि उनका साथ देने पर जो कर्ज है, वह उतर जाएगा। पुलिस का मानना है कि गैंग युवाओं को लालच देकर अपने साथ जोड़ रहा है।

एक जनवरी को गांधरा में हुई फायरिंग में रहा हाथ
पुलिस के मुताबिक एक जनवरी को गांधरा गांव में हवाई फायरिंग हुई थी। आईएमटी में फायरिंग करने में शामिल चार युवकों में से तीन उसमें शामिल थे। अब पुलिस उस वारदात में भी गिरफ्तार आरोपी अंकित से पूछताछ करेगी।

तीन घंटे में ही एक आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस को जांच में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली। फुटेज में चारों युवक साफ दिखाई दे रहे थे। तत्काल सीआईए प्रथम के एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में एएसआई संत कुमार, दिनेश कुमार, मुख्य सिपाही प्रदीप, मुख्य सिपाही प्रवीण, मुख्य सिपाही महावीर, सिपाही नरेंद्र व सिपाही नितेश की टीम ने दबिश देरी शुरू कर दी। तीन घंटे बाद खरावड़ निवासी अंकित को दबोच लिया गया। अब उसे शुक्रवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर एसपी उदय सिंह मीना ने सीआईए की टीम की पीठ थपथपाई है।

जितेंद्र ने कहा था डागर को, मैं तो छोटा सा ट्रांसपोर्टर हूं
यूनियन प्रधान जितेंद्र ने बताया कि जब उसको दो बार फोन आया तो लगा कि कोई बेवजह दबाव बना रहा है। इस कारण पुलिस में शिकायत नहीं दी। अपने स्तर पर जांच करवाई तो पता चला कि फोन पंजाब की फरीदकोट जेल से आया था। उसने फोन पर मोनू डागर से कहा था कि वह तो छोटा सा ट्रांसपोर्टर है। किसी ने गलत सूचना दी है। बावजूद इसके डागर अंजाम भुगतने की धमकी देता रहा।

घटनास्थल पर मिले तीन जिंदा कारतूस
पुलिस को जांच में पता चला कि यूनियन कार्यालय में 12 राउंड फायरिंग हुई है, जिसमें मौके पर नौ खाली खोखे व तीन जिंदा कारतूस मिले हैं। इतना ही नहीं, हमलावरों ने मुंशी सुरेश को तीन व रामनिवास को एक गोली मारी। दोनों को पैरों में गोली मारी गई है। इससे लग रहा है कि हमलावर दहशत फैलाना चाहते थे। हत्या का मकसद नहीं लगा।

डागर बोला, मैं बिश्नोई गैंग से हूं, यूनियन के कार्यालय में फायरिंग हो गई
पुलिस के मुताबिक जितेंद्र ने बयां किया कि पहले उसके पास 31 दिसंबर को फोन आया। उस समय डागर को साफ कह दिया था कि यह यूनियन का काम है। बोला, वह बिश्नोई गैंग से है। मेरा हिस्सा कर ले नहीं तो तेरे लिए अच्छा नहीं होगा। जितेंद्र ने कहा कि उसके पास कोई काम नहीं है। ये यूनियन का काम है। उसने साफ मना कर दिया। डागर बोला, जो नुकसान होगा, उसका तू जिम्मेदार रहेगा। दो-तीन दिन में मना करने का परिणाम देख लेना। इसके बाद 17 जनवरी को कॉल करके बोला, तुम्हारे ऑफिस पर गोलियां चला दी है। अब बता हिस्सा करना या नहीं। उसको दोबारा समझाया कि उनके पास इतना काम नहीं है। किसी आदमी को भेजकर जांच करवा ले।

हमलावर ड्राइवरों से बोले, तुम्हारा प्रधान कहां है
गुरुवार को चार युवक करीब पौने 12 बजे यूनियन कार्यालय पहुंचे। उस समय ड्राइवर बैठकर कर रहे थे। युवकों ने कहा कि तुम्हारा प्रधान कहां है। उन्होंने कहा कि अंदर आफिस में बैठा होगा। ये सुनकर युवक अंदर गोलियां चलाते हुए गए। अंधाधुंध फायरिंग से कार्यालय गूंज उठा। दीवारों से टकराकर गोलियां नीचे फर्श पर पड़ रही थीं। तीन गोली यूनियन के मुंशी सुरेश राणा निवासी पाकस्मा व एक गोली ड्राइवर बलियाना निवासी रामनिवास को लगी। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। कहकर गए कि आज तो प्रधान बच गया। फिर देख लेंगे।

अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग से चौंक गए घायल
घायल सुरेश व रामनिवास ने बताया कि उनको अंदेशा नहीं था कि अचानक यूं फायरिंग हो जाएगा। सुरेश यूनियन की गाड़ियों का रिकॉर्ड देख रहा था। जबकि रामनिवास पास बैठा था। अचानक युवक अंधाधुंध फायरिंग करते हुए आए। तब तक कुछ समय में आता, तीन गोलियां लगने से सुरेश व एक गोली लगने से रामनिवास घायल हो गया। हालांकि हमलावरों ने उनकी हत्या के इरादे से गोलियां नहीं मारी।
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