रोहतक। पंडित लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला विवि की द्वितीय वर्ष की छात्रा के साथ रैगिंग का है। छात्रा से तृतीय वर्ष के छात्रों ने रैगिंग की है। छात्रा ने जबरदस्ती डांस कराने व वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। विवि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जांच के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
विवि के आर्किटेक्चर विभाग की छात्रा का आरोप है कि उससे एक वर्ष आगे पढ़ने वाले पांच विद्यार्थियों ने रैगिंग की है। विद्यार्थी उसे 18 फरवरी की शाम तीसरी मंजिल पर ले गए। उसने मना किया तो कहा कि रैगिंग का हिस्सा है। सब सामान्य है। इस पर सोचा कि नाम, पता बताकर पीछा छुड़ा लूंगी। छात्रों ने मेरी हाबी पूछी। उन्हें घूमना फिरना व गाना पसंद होने के बारे में बताया तो एक ब्लूटूथ पोर्टेबल स्पीकर पर हरियाणवी गाना चलाया गया। कपल डांस करने को कहा। उस समय उनके इरादे नेक नहीं थे। इस कारण मैं काफी डर गई थी। अपनी सहपाठी छात्रा के साथ नृत्य करके दिखा दिया। इस पर भी वे खुश नहीं हुए। उन्होंने अकेले नाचने के लिए कहा। इसके बाद मैं वहां से किसी तरह निकली भागी और एचओडी को शिकायत की।
विभागाध्यक्ष ने रैंगिग के मामले में 19 फरवरी को तृतीय वर्ष के तीन छात्रों के निलंबित करने के आदेश जारी किए। जबकि छात्रा ने तृतीय वर्ष के सभी छात्र-छात्राओं को निलंबित करने की मांग की थी। इस पर 21 फरवरी को वह अपना पक्ष रखने के लिए विभागाध्यक्ष के कार्यालय में गई। विभागाध्यक्ष उस दिन नहीं मिले। शाम को तीनों छात्रों के निलंबन के आदेश रद कर दिए गए। आरोप है कि निलंबन रद होने के बाद छात्रों ने छात्रा के साथ अभद्रता की। इसके बाद मामला यूजीसी पहुंचा। छात्रा की शिकायत पर विवि से जवाब तलब किया गया तो हड़कंप मच गया। इस मामले में विवि प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। शुक्रवार को आरोपियों से उनका पक्ष जाना गया। इनका दावा है कि मौके पर हम पांच नहीं, बल्कि और भी विद्यार्थी थे। उनके नाम क्यों नहीं लिए गए। कमेटी ने उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच पूरी होने पर कमेटी अपनी रिपोर्ट एंटी रैगिंग सेल को देगी। यह सेल विवि कुलपति को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट यूजीसी भेजी जाएगी।
वर्जन:
छात्रा ने रैगिंग का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
- गजेंद्र चौहान, कुलपति, सुपवा।