जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में पुलिस ने बुधवार को 32 पेज का सहायक चालान पत्र एएसजे डॉ. गगनगीत कौर की अदालत में दाखिल कर दिया। आरोप पत्र में न केवल घटनास्थल की डीवीआर कब्जे में दर्शाई गई है, बल्कि एफएसएल रिपोर्ट का भी पूरा ब्योरा दिया गया है। साथ ही एसआईटी प्रमुख को भी गवाह के तौर पर केस में शामिल किया गया है। अब मामले में आरोपी सुखविंद्र व उत्तरप्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के गांव राजपुर-छाजपुर के रहने वाले मनोज के खिलाफ एक नवंबर को कोर्ट में आरोप तय होंगे। मनोज पर आरोप है कि उसने सुखविंद्र को हथियार उपलब्ध करवाए।
यह भी पढ़ें-
हरियाणा में डेंगू का डंक: मिल रहे रोजाना 87 मरीज, 13 दिन में ही 1141 चपेट में, पंचकूला, सिरसा, फरीदबाद, गुरुग्राम और नूंह बने हॉटस्पॉट
सात लोगों को मारी गई थी गोली
चालान पत्र दाखिल करने के दौरान आरोपी सुखविंद्र की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी भी हुई। पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट जय हुड्डा ने बताया कि इसी साल 12 फरवरी को जाट कॉलेज के कुश्ती अखाड़े में छह लोगों व एक को बाहर गोली मारी गई थी। मामले में अखाड़े के मुख्य कोच मनोज के अलावा, उसकी पत्नी साक्षी, 3 साल के बेटे सरताज, कोच प्रदीप, सतीश और कुश्ती खिलाड़ी मथुरा निवासी पूजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि कोच सतीश को अखाड़े से बाहर गोली मारी गई। सतीश को समय रहते गुरुग्राम के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर उसे बचाने में कामयाब रहे थे।
आठ माह बाद भी तय नहीं हो सके आरोप
शहर के सनसनीखेज अखाड़ा हत्याकांड में अब तक आरोप तय नहीं हो सके हैं। क्योंकि केस में पुलिस सहायक आरोप पत्र अब पेश कर सकी है। जबकि वारदात के समय दावा किया गया था कि जल्द से जल्द अदालत में आरोपी को सजा दिलवाई जाएगी। अब केस में पहले आरोप तय होंगे। इसके बाद गवाही की प्रक्रिया चलेगी। बाद में दोनों पक्षों के बीच बहस होगी। इसके बाद अदालत में फैसला होगा।
यह भी पढ़ें-
हरियाणा: स्वास्थ्य मंत्री विज के आदेश लागू न करने पर विभाग सख्त, ठेका कर्मियों को ड्यूटी पर न लेने वाले सिविल सर्जन नपेंगे
पुलिस की तरफ से 32 पेज का सहायक आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इसमें रोहतक से बरामद हथियार की एफएसएल रिपोर्ट के अलावा डीवीआर की बरामदगी भी हो गई है। साथ ही मामले में एसआईटी प्रमुख को भी गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। अब मामले में आरोप तय करने के लिए एक नवंबर की तिथि तय की गई है।
- एडवोकेट जय हुड्डा, पीड़ित पक्ष के वकील
पुलिस ने सहायक आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, लेकिन अभी उसका अध्ययन नहीं किया है। सुरक्षा के सवाल पर पुलिस प्रशासन ने अदालत में रिपोर्ट दाखिल कर दी है। कहा गया है कि पुलिस आरोपी को सुरक्षित तौर पर कोर्ट में पेश करने में सक्षम है। मेरा सवाल है कि फिर आरोपी सुखविंद्र की वीसी से क्यों पेशी की जा रही है। वहीं, जेल प्रशासन से कोर्ट ने एक नवंबर को सुरक्षा को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- एडवोकेट राहुल ढुल, आरोपी पक्ष के वकील