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एचएसवीपी 10 अक्तूबर को 44 कमर्शियल व 65 रिहायशी प्लॉट की लगाएगा बोली, बेस प्राइज पौने 29 करोड़

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नवरात्रों में एचएसवीपी शहरवासियों को 44 व्यावसायिक और 65 रिहायशी प्लॉटों का तोहफा देने जा रहा है। इसके लिए 10 अक्तूबर को ऑनलाइन प्लॉट की बोली की जाएगी जो तीन घंटे तक होगी। इन व्यावसायिक साइट व रिहायशी प्लॉट का बेस प्राइज पौने 29 करोड़ रुपये है। इससे पहले पिछले दो साल में विभाग 250 करोड़ रुपये की अपनी भूमि बेच चुका है।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासक ने प्रदेश भर के संपदा अधिकारियों को भूमि बेचकर राशि एकत्रित करने का टारगेट दिया है। इसके तहत पानीपत को एक हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य मिला है, जिसे पूरा करने के लिए सेक्टर-6 में 24 दुकानों की बोली होगी। सेक्टर 11 में 2, सेक्टर-12 में 3, सेक्टर-13 में 9 व सेक्टर-19 में 6 व्यावसायिक साइट की बोली होनी है। विभाग ने इनको बेचने के लिए अपना बेेस प्राइज 12,89,56,800 निर्धारित किया है।
वहीं दूसरी ओर 65 रिहायशी प्लॉट बेचे जाएंगे। सेक्टर-7 में एक, सेक्टर-12 में 21, सेक्टर 13-17 में 6, सेक्टर-18 में 12, सेक्टर-24 में 3 और सेक्टर-25 पार्ट-टू में 22 रिहायशी प्लॉट की बोली होगी। विभाग ने इन 65 प्लॉट का बेस प्राइज 16,77,19, 800 तय किया है। माना जा रहा है कि व्यावसायिक और रिहायशी प्लाटों को बेचने के बाद एचएसवीपी की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी।
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इसलिए विभाग की आर्थिक स्थिति हुई खराब-
- पिछले 15 साल में लोगों ने विभाग की लगभग 110 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। विभाग अब तक इनको मुक्त नहीं करवा पाया है।
- 60 ऐसे प्लॉट हैं जिन पर कोर्ट में केस चल रहा है। विभाग का कहना है कि ये उनकी भूमि है, वहीं कब्जाधारियों का कहना है कि ये उनकी भूमि है।
- एचएसवीपी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने साठगांठ कर लगभग 100 करोड़ रुपये की भूमि मात्र 25 करोड़ रुपये में बेच दी। इस संबंध में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई है।
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- विभाग के पास अपनी भूमि की स्पष्ट स्थिति नहीं है। 2015 में सर्वे की सीडी गुम हो चुकी है, इसलिए विभाग अपनी भूमि को कब्जा मुक्त नहीं करवा पा रहा है।
वर्जन --
- ऑनलाइन होगी बोली- ईओ
10 अक्तूबर को ऑनलाइन बोली होगी। विभाग अपनी भूमि बेचकर सेक्टर को आबाद करने का प्रयास कर रहा है। इससे राजस्व भी जुटाया जाएगा।
-अनुपमा मलिक, ईओ एचएसवीपी
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