टोक्यो ओलंपिक में एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले हरियाणा के पानीपत जिला निवासी जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को गणतंत्र दिवस पर भारतीय सेना की तरफ से खास सम्मान दिया जाएगा। भारतीय सेना में 4 राजपुताना राइफल्स के सूबेदार 24 वर्षीय नीरज को परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली में राजपथ के साथ ही जिले के स्टेडियम में नीरज चोपड़ा की झांकी का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह तो नीरज को शुरुआत है।अभी उसे कई ऊंचाइयां हासिल करनी हैं। परम विशिष्ट सेवा मेडल से नीरज को नवाजा जाना पानीपत ही नहीं हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। यह कहना है नीरज चोपड़ा के पहले कोच जितेंद्र जागलान का। उन्होंने ही शिवाजी स्टेडियम में नीरज चोपड़ा को पहली बार जैवलिन थमाया था और तब से नीरज नित नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं। शिवाजी स्टेडियम में एथलेटिक्स कोच जितेंद्र जागलान ने कहा कि उन्हें नीरज की सफलता से बेहद खुशी है।
भारतीय सेना की ओर से नीरज को परम विशिष्ट सेवा पदक के लिए चुना जाना बेहद खुशी का मौका है। नीरज जिले के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें इस पदक से नवाजा जा रहा है। यह भविष्य के एथलेक्टिस खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा लेने का मौका है। नीरज ने साबित किया है कि मेहनत और लगन कभी बेकार नहीं जाती है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतने के साथ नीरज ने अभी शुरुआत ही की है, अभी उसे और मेडल लाने हैं। कई नए रिकार्ड बनाने हैं।
जैवलिन थ्रो के खिलाड़ी दीपांशु के साथ ही अन्य एथलेटिक्स खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है। कोच ने बताया कि परम विशिष्ट सेवा पदक की घोषणा होते ही खिलाड़ियों को वीडियो कॉल में जोड़ा गया और उनके साथ खुशी बांटी गई।
नीरज चोपड़ा इस वक्त अमेरिका में 90 दिन की ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि पद्मश्री अवार्ड और परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किए जाने की खबर सुनकर मुझे बेहद खुशी है। आप सभी के सपोर्ट और आशीर्वाद के लिए बहुत धन्यवाद। मेरी मेहनत और प्रयास हमेशा ही अपने देश के लिए सर्वश्रेष्ठ परफार्मेंस देना ही रहेगा।