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दशहरा पर्व : अग्निबाण से हुआ रावण का अंत, गूंजा जय श्रीराम

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रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलते हुए। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। एक बार फिर अहंकारी रावण का अंत हो गया। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण से दशानन के अमृत कुंभ को सूखा दिया। पलभर में ही गर्व से खड़ा रावण जमीन पर आ गिरा। रावण दहन होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए, जिससे शहर गुंजायमान हो उठा। लोगों ने हैप्पी दशहरा कहकर बुराई पर अच्छाई की जीत की बधाई दी। सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एवं डेवलमेंट ट्रस्ट दशहरा कमेटी की तरफ से दशहरा पर्व मनाया गया।
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समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मेयर कुलभूषण गोयल पहुंचे, जबकि संघ प्रचारक प्रेम जी गोयल ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। मेयर ने श्रीराम एवं लंकापति रावण के दल के कलाकारों से मुलाकात की और उन्होंने शानदार आयोजन के लिए बधाई दी। क्लब के चेयरमैन मुंशीराम अरोड़ा, वाइस चेयरमैन सुभाष पपनेजा, उपप्रधान प्रदीप कांसल और ज्ञान सिंह, महासचिव डॉ. लीलाधारी सचदेवा, वित्तीय सचिव कृष्ण चौहान, संयुक्त सचिव अमित गोयल ने मेयर का स्वागत किया।
रावण दहन से पहले आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। दहन होने से पूर्व रावण की चीत्कार वातावरण में गूंज उठी। पटाखों की जोरदार आवाज, रावण के दहकते चेहरे और शोले बरसाती आंखों ने बच्चों को भयभीत कर दिया। इधर रावण के पुतले में जैसे ही राकेट रूपी अग्निबाण लगा, उसमें भरे पटाखों की आवाज तेज हो गई। कुछ ही देर में पुतला जमीन पर आ गिरा । रावण दहन के साथ ही बुराई त्यागने का संकल्प भी लिया गया। इससे पूर्व श्री आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब की तरफ से दोपहर में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद दोनों दलों के बीच युद्ध हुआ। श्रीराम ने बाण मारकर रावण का वध किया। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतलों को विभीषण ने अग्नि दी।
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शहर में केवल सेक्टर-5 में ही दशहरा समारोह का आयोजन किया गया। इस कारण ग्राउंड में लोगों की भीड़ काफी थी। मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि श्रीमाता मनसा देवी दशहरा कमेटी और श्री आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब की ओर से शानदार आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। श्रीराम ने बुराई का नाश किया। बहुत खुशी की बात है कि रामलला जी का मंदिर बन रहा है, जोकि जल्द पूरा होगा। जिस दिन मंदिर बन जाएगा, उस दिन दीपावली और दशहरे की रौनक पूरे देश में देखने वाली होगी। इस अवसर पर प्रोपेगंडा सेक्रेटरी रविश गौतम, प्रबंधक अंचिंत आनंद, सेक्रेटरी निशांत आनंद, रोबिन सक्सेना, विशाल चड्ढा, राजन गोयल, पंकज सिंगला, नरेश कुमार, राकेश शर्मा, जतिन राजपूत भी उपस्थित रहे।
उत्सव में महंगाई का दिखा असर
सेक्टर-5 में आयोजित दशहरा उत्सव में महंगाई का असर साफ दिखाई दिया। इस बार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बहुत ही छोटे थे। इसके अलावा पुतलों में पटाखों की मात्रा भी बहुत कम थी। लेकिन, लोगों में पर्व को लेकर काफी उत्साह दिखाई दे रहा था। वह परिवार के साथ शालीमार ग्राउंड में सुबह से ही पहुंचने लगे थे। लेकिन हर साल की तरह इस बार खानपान के स्टालों की संख्या कम थी।
मंच पर बिना मास्क चढ़ने की इजाजत नहीं
दशहरा में आयोजकों द्वारा कोरोना महामारी के मद्देनजर सख्ती बरती गई। किसी भी शहरवासी को स्टेज पर बिना मास्क के चढ़ने की इजाजत नहीं दी गई। वहीं, स्टेज से लगातार घोषणा भी की गई कि कोरोना के नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें। लोग एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखें और कोरोना से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग अवश्य करें। क्योंकि कोरोना का संक्रमण कम हुआ है पूरी तरह गया नहीं है।
शहर में लगा जाम, लोग हुए परेशान
दशानन दहन होने के बाद शहर में लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा जगह-जगह पर जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बाद भी कुछ जगह वाहनों की लंबी कतार लगी। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी शालीमार ग्राउंड के आसपास की सड़क पर हुई।
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