प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए सरकारी एवं निजी बसों में 36 घंटों के लिए सफर मुफ्त कर रखा है। दोपहर 12 बजे के बाद सरकार के आदेश लागू हो चुके थे लेकिन निजी बस संचालकों ने सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर रख दी। निजी बस संचालकों ने आदेश लागू होने के बाद भी महिलाओं से किराया वसूल किया। कुछ बस संचालकों ने तो अपनी बसें ही वापस बुलाकर घर खड़ी कर लीं। जब निजी बसों में महिलाओं ने किराया देने से मना किया तो निजी बस परिचालक उनको नीचे उतरने के लिए बोल रहे थे। मजबूरी में उनको टिकट कटवानी पड़ी। प्रशासन सरकार के नियमों को लागू करने में असफल रहा। नियम लागू के लिए प्रशासन की कोई तैयार नहीं थी। महेंद्रगढ़ में एक बस चेक नहीं की गई। इस वजह से बहुत सी महिलाओं को पहले दिन सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल पाया। वहीं आरटीओ अजय सिंह ने कहा कि सीमित स्टाफ होने की वजह से वो महेंद्रगढ़ की ओर नहीं आ पाए।
सरकार के आदेश आने के बाद बहुत से निजी बसें 12 बजे के बाद नहीं चलाई गई। महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी प्रतिदिन 30 बसें चलती हैं जिनके चार चक्कर होते हैं। इसके अलावा नारनौल से महेंद्रगढ़, महेंद्रगढ़ से चरखी दादरी की बसें भी काफी चलती हैं। 12 बजे तक बस संचालकों ने अपने नंबर का चक्कर लगा दिया लेकिन उसके बाद बसें अपने घर ले जाकर खड़ी कर ली। एक बस नारनौल से चरखीदादरी जानी थी 12 बजे के बाद उसने महेंद्रगढ़ आकर सवारियों का उतार दिया और आगे जाने के लिए मना कर दिया।
प्रदेश सरकार लोगों की सुविधा के लिए बहुत सी योजनाएं बनाती हैं लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते अंतिम व्यक्ति तक उस योजना का लाभ नहीं पहुंच पाता है। ऐसे ही रक्षाबंधन पर महिला की फ्री यात्रा योजना में देखने को मिला। महिलाओं को निजी बसों में किराया देना पड़ा। परंतु पूरे दिन अधिकारियों की ओर से एक बस को भी चेक नहीं किया। केवल नारनौल में चार पांच बसों को चेक कर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली। जब तक अधिकारी सख्त नहीं होंगे तक महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
बस स्टैंड पर काफी सतर्कता रहने के बाद भी एक यात्री की जेब से पर्स चोरी हो गया। गांव लीलोठ निवासी सूर्यदेव सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ कनीना बस में सवार हो रहा था। पहले उसने अपनी पत्नी एवं बच्चों को ऊपर चढ़ाया। इसके बाद जब वह चढ़ने लगा तो इतनी देर में जेब से पर्स गायब कर दिया। उन्होंने बताया कि पर्स में लगभग 2 हजार रुपये थे तथा जरूरी दस्तावेज थे। दो दिन में बस स्टैंड पर चौथी चोरी है।
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर चोरी की वारदात बहुत अधिक होने लगी हैं। बस स्टैंड कर्मचारी बार-बार उद्घोषणा कर लोगों को जेब कतरों से सावधान रहने के लिए आगाह कर रहे थे। शनिवार को बस स्टैंड पर दो पुलिस कर्मचारी भी तैनात किए गए थे। बस स्टैंड के कर्मचारी भी चोरों पर नजर बनाए हुए थे। कर्मचारी लोगों की सुविधा के काफी मेहनत कर रहे थे।
मैं निजी बस में सवार होकर महेंद्रगढ़ आई थीं। मुझे से निजी बस के परिचालक ने महेंद्रगढ़ तक 30 रुपये का किराया लिया। जब मैंने किराया फ्री होने की बात कही तो परिचालक ने कहा कि निजी बस में किराया फ्री नहीं है। -रीना।
मैं निजी बस में डहीना से महेंद्रगढ़ आई हूं। निजी बस संचालक ने किराए के रूप में 30 रुपये लिए हैं। मैंने किराया फ्री होने की बात कही तो परिचालक ने नीचे उतने के लिए बोलने लगा। -कोमल।
मैं उन्हाणी से निजी बस में सवार होकर आई थी। मेरे साथ एक बच्ची और एक बच्चा था। हम तीनों को 50 रुपये किराया लिया है। सरकार घोषणा तो कर देती हैं लेकिन प्रशासन उनको लागू नहीं कर पाता। -पूनम।
हमारे पास सीमित स्टाफ है। आज हमने नारनौल चार पांच बसों को चेक किया है। वहां पर भी महिलाओं से किराया लिया गया था। हमने उनको धमकाया भी है और कुछ यात्रियों का किराया वापस भी करवाया है। बस संचालक अपने घर बस लेकर चले गए। इसकी जानकारी नहीं है, अगर कोई शिकायत आई तो हम अवश्य कार्रवाई करेंगे। - अजय सिंह, आरटीओ, महेंद्रगढ़।
नारनौल डिपो से 115 रूटों पर 138 बसों का संचालन किया गया है। सरकार के आदेश पूर्ण तरीके से लागू किए गए हैं। रोडवेज बसों में रविवार रात 12 बजे तक महिला और एक बच्चे का किराया फ्री रहेगा। अगर रोडवेज बस का परिचालक किराया लेता है तो बस स्टैंड इंचार्ज को बता सकता है। -नवीन शर्मा, जीएम, नारनौल डिपो।