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भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में एक गिरफ्तार

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स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़, रेवाड़ी तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने गत दिवस भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में प्रदीप निवासी सुधराणा रेवाड़ी को कोसली में डॉ. गर्ग अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर से गिरफ्तार किया है।
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सिविल सर्जन कम जिला समुचित प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार को सूचना मिली थी कि प्रदीप कुमार नाम का व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच के लिए कोसली में बुलाता है। इसके लिए जिला समुचित प्राधिकरण द्वारा डॉ. पवन, डॉ. हर्ष चौहान, अशोक कुमार डीलिंग व एसआई विजेंद्र सिंह सदस्यों की टीम गठित की। टीम ने जिला रेवाड़ी के पीसी-पीएनडीटी प्राधिकरण को इसकी सूचना दी। नारनौल की सूचना पर जिला समुचित प्राधिकारी रेवाड़ी ने डॉ. योगेश यादव, डॉ. आस्था व डॉ. मोनिका यादव सदस्यों की टीम गठित की। इसके बाद जिला रेवाड़ी की टीम कोसली में नारनौल की टीम में शामिल हुई।
जिला समुचित प्राधिकरण द्वारा गठित टीम ने एक नकली ग्राहक बनाकर भ्रूण लिंग जांच के लिए कोसली पहुंचने पर दलाल से संपर्क किया गया। दलाल कोसली के फ्लाईओवर पर मिला। वहां उन्होंने पेशेंट से 70 हजार रुपये की राशि की मांग की। नकली ग्राहक ने 70 हजार नकद दलाल को सौंपे। इसके बाद दलाल ने गर्भवती महिला को अपने साथ आने को कहा। दलाल उसे अपनी बाइक से कोसली में बिजली बोर्ड के पास श्रीकृष्णा अस्पताल में लेकर गया। वहां दलाल ने नियमित एएनसी चेकअप के लिए श्रीकृष्णा अस्पताल की एएनसी ओपीडी में लेकर गया। वहां डॉ. मंजू यादव से दिखाकर नॉर्मल अल्ट्रासाउंड करवाया व बाहर आकर महिला के गर्भ में लड़का बताया।
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जिला महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी की संयुक्त पीएनडीटी टीम ने डॉ. गर्ग अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के गेट के बाहर दलाल से 70 हजार रुपये बरामद किए। इसके बाद संयुक्त पीएनडीटी टीम ने सेंटर के परिसर में प्रवेश किया और डॉ. गर्ग अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के रिकॉर्ड की जांच की। पंजीकरण रजिस्टर की जांच की गई और रजिस्टर में फर्जी गर्भवती महिला की प्रविष्टि पाई गई। डिकॉय गर्भवती महिला के लिए फॉर्म एफ की जांच की गई और उसे पूरा पाया गया। रिसेप्शनिस्ट स्नेहलता से टीम ने मामले में पूछताछ की। उसने बताया कि दलाल के अलावा एक अन्य अज्ञात व्यक्ति आया और उसने 800 रुपये अनिवार्य शुल्क जमा कर गर्भवती महिला के नाम पर अल्ट्रासाउंड स्कैन कराने के लिए टोकन लिया। बाद में डिकॉय गर्भवती महिला अलग-अलग व्यक्ति के साथ अल्ट्रासाउंड स्कैन के लिए आई। स्नेहलता ने अपना लिखित बयान टीम को दिया। इसके बाद टीम ने अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक डॉ. रितेश गर्ग से पूछताछ की गई। डॉ. रितेश ने भी टीम को अपना लिखित बयान दिया। टीम ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस को सौंप दिया गया है। रेडिंग टीम ने पीएनडीटी व आईपीसी की धारा में एफआईआर दर्ज करवा दी है।
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