दुलोठ अहीर में ओलावृष्टि के दौरान पड़े ओले।
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क्षेत्र में रविवार को बारिश हो गई लेकिन हलकी बारिश होने से किसानों का कोई नुकसान नहीं है। गांव दूलोठ अहीर पांच मिनट तक ओले गिरे। ओलों का साइज कांच की गोली से थोड़ा छोटा था। इस क्षेत्र में पांच सात रोज पहले बिजाई करने वाले किसानों की बिजाई प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा अनाज मंडी में व्यापारियों का रखा बाजरा भी भीग गया।
बता दें कि इस समय जिले में सरसों की फसलों की बिजाई का समय चल रहा है। लगभग 70 प्रतिशत किसान सरसों की बिजाई कर भी चुके हैं। इस दौरान तेज बारिश किसानों को प्रभावित कर सकती है। रविवार को दोपहर बाद बादल छा गए थे। लगभग साढ़े चार बजे क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी। लगभग दस से पंद्रह मिनट तक बारिश हुई। वहीं दूलोठ अहीर में पांच मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। किसान ब्रहमजीत, अश्वनी, संजय, सुनील ने बताया कि लगभग पांच से सात मिनट तक ओलावृष्टि हुई है और ओलों का साइज कांच की गोली से थोड़ा छोटा था। इसके बाद देर शाम को भी हलकी बूंदाबांदी हुई थी।
क्षेत्र में बारिश होने से हलकी ठंड बढ़ गई है। कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि महेंद्रगढ़ शहर में 0.5 एमएम बारिश हुई है। रविवार को दिन का तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों ने बताया कि खेत की भवाई से लेकर बिजाई किए जाने तक एक एकड़ पर लगभग साढ़े तीन से चार हजार रुपये का खर्चा आता है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर से भवाई पर 600 रुपये, बीज की थैली 600 से 800 रुपये, बिजाई पर 600 रुपये तथा 1200 से 1300 रुपये खाद का बैग आता है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने अभी बिजाई की है उसको अवश्य ही नुकसान होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जयलाल ने बताया कि आज हलकी बारिश हुई है। इस बारिश से बिजाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अगर कहीं तेज बारिश हुई तो उससे सरसों की बिजाई खत्म हो जाएगी क्योंकि मिट्टी पर पपड़ी जम जाएगी। इससे बीजों का जम्रिनेशन रूक जाएगा।